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दुर्ग पुलिस पीड़ित के पक्ष में कार्य कर उन्हें त्वरित न्याय दिलाने का प्रयास करेगी : प्रशांत ठाकुर

दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। पुलिस वालों को देखकर मुझे भी लगता था कि मैं भी कुछ कर सकू। वर्दी का क्रेज शुरु से रहा है, कद-काठी भी वैसे ही थी इसलिए पुलिस में आने का इरादा था। मन मे समाज और देश सेवा करने की इच्छा थी और पुलिस बनकर सीधे जनता से जुड़कर उनको न्याय दिलाना, उनको संतुष्ट करना भी समाज सेवा है यही सब बाते मुझे पुलिस में भर्ती के लिए प्रेरित किया। यह सब बातें दुर्ग जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।एसपी प्रशांत ठाकुर की प्रारंभिक व हायरसेकंडरी तक की शिक्षा जगदलपुर के शासकीय स्कूल में पूरी हुई। गवर्मेंट पीजी कॉलेज जगदलपुर से इन्होंने एमएससी (मैथ्स) की डिग्री हासिल की। पीजी करने के बाद से ही यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुट गये। वर्ष 1996 के एमपीपीएससी में इन्होंने भाग लिया और अपने पहले ही प्रयास में डीएसपी के लिए चयनित हुए और मेरिट स्थान प्राप्त किया। सागर (मप्र) में ट्रेनिंग के पश्चात बतौर प्रशिक्षु डीएसपी रायपुर पोस्टिंग हुई। उसके बाद इन्हें जशपुर डीएसपी के पद पर पदस्थ किया गया। यह रायपुर के सिविल लाइन तथा कोतवाली सीएसपी भी रहे। वर्ष 2006 में इनका प्रमोशन हुआ और यह डीएसपी से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बने साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग (ग्रामीण) की जिम्मेदारी निभाई फिर इन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) की जिम्मेदारी दी गई फिर इन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर (शहर), दो बार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग (शहर) की जिमेदारी दी गई। रायपुर और दुर्ग शहर एएसपी रहते हुए इन्होंने अपराध व अपराधियों पर नकेल कसी और कई बड़े मामलों को खुलासा किया।एसपी प्रशांत ठाकुर एक सुलझे हुए और तेज-तर्रार अधिकारी माने जाते है। रायपुर और दुर्ग शहर एएसपी के बाद इन्होंने कवर्धा जिला का शहर एएसपी बनाया गया। उसके बाद इन्हें मुख्यमंत्री सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई। सरकार ने इनके कार्यो से प्रभावित होकर वर्ष 2016 में  पुलिस अधीक्षक एटीएस की जिम्मेदारी सौंपी। वहां एक वर्ष सेवाएं देने के बाद इन्हें वर्ष 2017 में जशपुर जिले का पुलिस अधीक्षक की अहम जिम्मेदारी दी गई, जशपुर में इन्होंने कई सराहनीय कार्य करते हुए वहां की जनता में पुलिस की एक अलग जगह बनाई। अक्टूबर 2018 में इन्हें आईपीएस अवार्ड से नवाजा गया। फिर इन्हें बेमेतरा और बलौदाबाजार जिले के पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई। अब इनके कार्य को देखते हुए मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के जिले की कमान सौंपी गई है जहां यह जून 2020 से पदस्थ हुई है।अपने माता-पिता को अपना आदर्श मानने वाले एसपी प्रशांत ठाकुर फोटोग्राफी, क्रिकेट व बैटमिंटन में विशेष रुचि रखते है। एसपी प्रशांत ठाकुर ने कहा कि जनता का जो पुलिस पर विश्वास है वह विश्वास बने रहेगा, इसी विश्वास के साथ कार्य किया जाएगा। जब किसी का काम नही हो पाता तब लोग पुलिस के पास एक उम्मीद लेकर आते है कि यहां हमारा काम होगा। हम जनता ही मदद के लिए तत्पर रहेंगे। पीडि़त को न्याय दिलाना और उन्हें पुलिस की कार्यवाही से संतुष्ट करना हमारी प्राथमिकता रहेगी। जनता के साथ जुड़कर काम करेंगे जिससे कि आम जनता में  पुलिस का भरोसा कायम रहे। अपराध और अपराधियों पर कार्यवाही जारी रहेगी। दुर्ग पुलिस पीडि़त के पक्ष में कार्य कर उन्हें त्वरित न्याय दिलाने की पूरी प्रयास करेगी। जनता भी पुलिस के साथ दे और अपराधमुक्त समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाये। युवा नशा और बुराइयों से दूर रहे और अपनी योग्यता को समाज और देश के निर्माण में लगाये ताकि समाज और देश की तरक्की हो सके।

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