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दुर्ग पुलिस के लिए उपलब्धियों भरा रहा वर्ष 2020, दुर्ग पुलिस अधीक्षक ने पेश किया एक साल का लेखा-जोखा

भिलाई। वर्ष 2020 दुर्ग पुलिस के लिए उपलब्धियों से भरा रहा। एक ओर जहाँ पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने में काफी हद तक सफल रही जिसके परिणामस्वरूप अपराध दर में गिरावट दर्ज की गई वहीं दूसरी ओर पुलिस नेे अंधे कत्ल के 10 मामलों का खुलासा भी किया है।
वर्ष 2020 के आखिरी महिने में घटित खुड़मुड़ा सामूहिक हत्याकांड को छोड़ दिया जाये तो दुर्ग पुलिस के लिए बीता साल उपलब्धि भरा रहा। नववर्ष मिलन कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने बताया कि हमारा पूरा प्रयास है कि अतिशीघ्र खुड़मुड़ा हत्याकांड का भी पर्दाफाश कर आरोपियों के चेहरे से बेनकाब करेंगे, जांच का दायरा बढाते हुए दुर्ग पुलिस ने हर एंगल पर जांच की है। कोविड-19 लॉकडाऊन के दौरान दुर्ग पुलिस का एक नया चेहरा आम जनमानस के सामने आया है। महकमें के कार्यों से आम लोगों के बीच जो माहौल बना है उसके लिए पूरा महकमा बधाई का पात्र है। दुर्ग जिले में वर्ष 2019 के मुकाबले वर्ष 2020 में अपराधों में तीन प्रतिशत की कमी आयी है। 2019 में जहाँ 6 हजार 7 सौ 23 अपराध दर्ज हुए थे वहीं 2020 में 6 हजार 4 सौ 98 अपराध दर्ज हुए हैं। हत्या में 6, अपहरण में 34, नकबजनी में 8, चोरी में 19, व धोखाधड़ी के मामलों में 3, दहेज मृत्य के 50, शील भंग के 14 एवं प्रताडऩा के 14 प्रतिशत मामलों में 2019 के मुकाबले 2020 में कमी आयी है। पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने पुलिस नियंत्रण कक्ष में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि, 2020 में पुलिस ने 11 अंधे कत्लों में से 10 प्रकरणों का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पायी है। महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्यवाही करते हुए लगभग 70 प्रकरणों में एक दिन से लेकर 30 दिनों के अंदर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। जिले में सम्पत्ति अपराधों में विगत वर्ष 53.81 प्रतिशत की तुलना में वर्ष 2020 में 67.45 प्रतिशत बरामदगी में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2020 में नकबजनी के मामले में 34143288, लूट में 4458334 एवं डकैती में 27500 रूपये की बजाप्ता किया गया है। 2020 में जिले में गुम इंसान की दस्तयाबी में पुलिस को काफी सफलता मिली है। गुम इंसानों की पतासाजी कर 31 बालक, 181 बालिका, 193 पुरूष, 449 महिला की पतासाजी कर बरामद किया गया है। 2020 में जुआ सट्टा के अंतर्गत 1146 प्रकरणों में 4206645 रूपये की बरामदगी की गई है। 2019 की तुलना में 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आबकारी एक्ट में 944 प्रकरणों में 3558 लीटर अवैध शराब जप्त कर 75 प्रतिशत की वृद्ध की गई है। नार्कोटिक्स एक्ट में 44 प्रकरणों में 510 किलो गांजा जप्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि, 2020 में काउंसलिंग के तहत 1577 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 225 में समझौता हो गया, 80 मामले अपराध कायम किये गये, 123 में न्यायालय की राय दी गइ, 8 मामले में अलगाव हुआ, 4 मामले संबंधित थाना को भेजा गया एवं 242 मामलों में नस्तीबद्ध किया गया। महिलाओं की सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण व कार्यशाला के आयोजन के तहत लॉकडाऊन के पहले तक 27 कार्यशाला में 7 स्कूलों में, 4 कॉलेजों में एवं 16 अन्य स्थानों पर कार्यशाला आयोजित किया गया। कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने और आमजनमानस को राहत देने के उद्देश्य से 2020 में 17 नये बदमाशों की निगरानी हिस्ट्रीशीट खोली गई, एवं 42 नये बदमाशों को गुण्डा सूची में शामिल किया गया। प्रस्तावित नये निगरानी गुण्डा बदमाश में 7 की निगरानी हिस्ट्री शीट और 22 की गुण्डा फाईल तैयार की गई है। इस अवसर पर उपस्थित यातायात उप पुलिस अधीक्षक गुरजीत सिंह की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि, 2020 में सड़क दुर्घटना में 14 प्रतिशत की कमी आयी है। 2019 में 883 मामले की तुलना में 2020 में 772 सड़क दुर्घटना के मामले दर्ज हुए हैं। घायल और मृत व्यक्तियों की संख्या में भी कमी आयी है। 2020 में 197 लोग जहाँ सड़क दुर्धटना में मारे गये हेंै वहीं 784 लोग घायल हुए हैं। 2019 की तुलना में 47977 चालानी कार्यवाही की गई है जो 29 प्रतिशत अधिक है। संमंस शुल्क में 11.14 की वृद्धि करते हुए 12693100 का चालान काटा गया है। वर्ष 2019 में जहाँ यातायात पुलिस ने 9 ग्रीन कॉरिडोर बनाये थे इस वर्ष उसमें 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष यातायात पुलिस को 12 ग्रीन कॉरिडोर बनाने पड़े हैं। यातायात जागरूकता प्रशिक्षण के तहत लॉकडाऊन के पूर्व तक 209 प्रशिक्षण में 69731 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने बताया कि, दुर्ग जिला पुलिस महकमा ने सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत साईबर जागरूकता के तहत ओटीपी केरवक्टर साईबर डे, सोशल मीडिया जागरूकता अभियान, कॉलर ट्यून-साईबर संगी, सीनियर सिटीजन हेल्प लाईन, साईबर योद्धा, साईबर लेन, कोविड-19 के दौरान दुर्ग पुलिस महकमा ने फेसुबक लाईव स्टे होम, स्टे हेल्थी, स्टे फिट, फिटनेस प्रोग्राम, घर बैठे फाईट करेगा इंडिया, साइकल रैली, चलते चलते आपके द्वारा तक, कॉफी विथ मदर्स, प्रकृति से प्रीत, रक्षाबंधन पर दुर्ग पुलिस पहल, टेली कॉलिंग, मास्क ही ब्रम्हास्त्र, संकल्प पत्र, मास्क नहीं तो पेट्रोल /डीजल नहीं, बिगेस्ट मास्क, मास्क नहीं तो सवारी नहीं, भोजन एवं सामग्री की व्यवस्था जैसे मानवीय संवेदना से जुड़े कार्याे को अंजाम दिया गया है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) रोहित झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रज्ञा मेश्राम, उप पुलिस अधीक्षक (क्राईम) प्रवीरचंद तिवारी, सीएसपी छावनी विश्वास चन्द्राकर, सीएसपी भिलाईनगर राकेश जोशी, रक्षित निरीक्षक निलेश द्विवेदी, भिलाईनगर थाना प्रभारी विजय ठाकुर आदि उपस्थित थे।

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