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दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

दुर्ग पुलिस के द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन कर 120 से अधिक अधिकारियों/कर्मचारियों को फिंगरप्रिंट के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया

दुर्ग। पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के निर्देशन में एक दिवसीय फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से दुर्ग एवं रायपुर संभाग के फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट राकेश नरवरे के द्वारा विवेचना के द्वारा फिंगरप्रिंट की उपयोगिता, आरोपियों को सजा दिलाने में कैसे महत्वपूर्ण रहती है, के संबंध में विस्तृत जानकारी जिले के 120 से अधिक विवेचना अधिकारी एवं कोर्ट मोहर्रिर आरक्षकों को दिया गया।

सीन ऑफ क्राइम में फिंगर प्रिंट लेने के तरीकों को प्रैक्टिकल के रूप में भी बता कर, वैज्ञानिक तकनीक के उपयोग से अपराधों को खुलासा करने में सफलता व अपराधियों को माननीय न्यायालयों में सजा दिलाने के संबंध में महत्वपूर्ण बातें बताई गई।

फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट राकेश नरवरे एवं उनकी टीम ने साइंटिफिक एंड टू इन्वेस्टिगेशन-अपराधों की विवेचना स्तर वैज्ञानिक पद्धति से किए जाने के लिए घटना स्थल के निरीक्षण पर मिलने वाले भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित एवं संकलित रखने के संबंध में बताया, साथ ही सावधानीपूवर्क फिंगर प्रिंट लेने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर संजय कुमार ध्रुव के द्वारा प्रशिक्षण ले रहे सभी विवेचना अधिकारियों और कर्मचारियों को घटना स्थल एवं विवेचना के दौरान साइंटिफिक तरीकों का उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण बातों पर प्रकाश डाला।

आयोजित प्रशिक्षण के पर्यवेक्षणकर्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनंत कुमार के द्वारा घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य व फिंगर प्रिंट से अज्ञात आरोपी की पहचान करने व प्रकरणों में दोषसिद्धि हेतु फिंगरप्रिंट की उपयोगिता केश स्टडी के माध्यम से विवेचना अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिया गया।

उपरोक्त प्रशिक्षण में मंच का संचालन रक्षित निरीक्षक दुर्ग नीलेश द्विवेदी एवं सहयोग सूबेदार तृप्ति सिंह, आरक्षक ज्ञानदत्त मिश्रा, आरक्षक दीपेश वर्मा रक्षित केंद्र दुर्ग के द्वारा की गई।

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