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दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

दुख मे साथ खड़े होकर मानव कल्याण का कार्य करना ही बुद्ध का उत्तम मार्ग है: अनिल मेश्राम

भिलाई। दि बुद्धिष्ट सोसायटी आॅफ इंडिया शाखा भिलाई द्वारा बुद्ध विहार सेक्टर छह भिलाई मे आयोजित बुद्ध जयंती समारोह भंते डा.जीवक के धम्म सानिध्य व अनिल मेश्राम प्रदेश अध्यक्ष दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया शाखा छ.ग.राज्य एवम भारती खांडेकर प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ की मुख्य उपस्थिति मे सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कोविड 19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए समारोह मे सीमित संख्या मे पदाधिकारी व सदस्य शामिल हुए।
सर्वप्रथम तथागत भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा व डा.बाबा साहेब आम्बेडकर के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित किये गये। भंते जीवक ने अपनी धम्मदेशना मे कहा कि मानव को अपना उचित आहार लेना चाहिए और पशुओ को भी उचित आहार उपलब्ध कराना चाहिए, वर्तमान समय विश्व के मानव सहित पशु पक्षी व धरती के प्रत्येक जीव की रक्षा करने का समय है, भगवान बुद्ध के संदेशानुसार दान पारमिता सबके लिए कल्याणकारी होती है और सकारात्मक सोच के साथ हम बड़ी से बड़ी विपत्ति और चुनौती का सामना कर उसे निराकृत कर सकते है।
श्री मेश्राम ने कहा कि कोरोनाकाल मे हमे एक-दूसरे के दुख मे साथ खड़े होकर हिम्मत और हौसलाअफजाई करना चाहिए, नियमो के पालन और सुरक्षित साधनो के साथ हमे कोरोना नामक संक्रामक बीमारी का खात्मा करना होगा।
भारती खांडेकर ने कहा कि सिद्धार्थ गौतम भूखे प्यासे रहकर तप किया करते थे किन्तु सुजाता की खीर से बुद्ध के मन मे आहार के महत्व का बोध उत्पन्न हुआ और फिर उन्होने एक वक्त के आहार के साथ बुद्धत्व की प्राप्ति की और फिर भगवान बुद्ध कहलाये।
भिलाई शाखा के महासचिव सुधेश रामटेके ने कहा कि संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष मीराताई आम्बेडकर व राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष भीमराव यशवंतराव आम्बेडकर के नेतृत्व व मार्गदर्शन मे दि बुद्धिष्ट सोसायटी आॅफ इंडिया ने पूरे भारतवर्ष मे कोरोनाकाल मे समाज के वंचित व प्रभावित सदस्यो को अन्न से व आर्थिक सहयोग कर एक प्रेरणादायी कार्य किया है हम सब डा.बाबा साहेब आम्बेडकर के बताये मार्ग पर चलकर समानता के साथ मानव कल्याण का कार्य करे यही बुद्धिज्म है। समारोह मे जयश्री बौद्ध प्रदेश महासचिव, नीतू डोंगरे प्रदेश सचिव, रता गजभिये, सुधेश रामटेके, नरेंद्र शेंडे, राजू मेश्राम, भीमराव वाहने, रोशन नंदेश्वर, सचिन जामुलकर, शिवचरण पानतवने, विनोद टेंभरे, बृजलाल गजभिये व समर्थ बौद्ध आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुधेश रामटेके महासचिव ने और आभार प्रदर्शन राजू मेश्राम सचिव ने किया।

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