चक्रवाती तूफान रेमल के कहर से पूर्वोत्तर के राज्य मिजोरम, असम, मेघालय और नगालैंड में भारी तबाही हुई है. तूफान के कारण आई भारी बारिश और भूस्खलन के बाद से कई अन्य लोग लापता हैं…
नईदिल्ली (ए)। चक्रवाती तूफान रेमल के कहर से पूर्वोत्तर के राज्यों में अब तक 35 लोगों की मौत हो गई. तूफान रेमल के प्रभाव के चलते मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं की वजह से मिजोरम, असम, नगालैंड, मेघालय के 35 लोगों को जान गंवानी पड़ी है।
इन 35 लोगों में से मिजोरम में 25,असम में 4, नगालैंड में 4 और मेघालय में 2 शख्स की जान गई है. आने वाले दिनों में चक्रवाती तूफान रेमल के कहर से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ सकती है. इसके अलावा कई अन्य लोग लापता हैं।
मिजोरम में पत्थर की खदान ढही
मिजोरम में चक्रवाती तूफान रेमल के प्रभाव के चलते मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में 25 लोगों की मौत हो गई. इनमें से 14 की मृत्यु पत्थर की खदान धंसने से हुई है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने (एमएसडीएमए) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पत्थर की खदान धंसने से दो नाबालिगों समेत कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य लापता हो गए।
एमएसडीएमए ने बताया कि भूस्खलन के कारण कई घर और श्रमिक शिविर ढह गए. वहीं मिजोरम के पुलिस महानिदेशक अनिल शुक्ला ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि मिजोरम में विभिन्न स्थानों पर बारिश के कारण भूस्खलन की सूचना मिली है और कई अन्य लोग बह गए हैं।
असम में क्या असर हुआ?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, असम में मंगलवार (28 मई, 2024) को चक्रवात के बाद तेज हवा के साथ भारी बारिश हुई. इनसे जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हो गए।
नगालैंड और मेघालय में क्या हुआ?
नगालैंड में, चार लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा, जबकि मेघालय में भारी बारिश के कारण दो लोगों की मौत हो गई और 500 से अधिक अन्य घायल हो गए।
















