11 फरवरी को देश में 30.5 करोड़ रुपए की नकदी चलन में थी, जो 52 सप्ताह का उच्च स्तर था, वार्षिक आधार पर इसमें 8.2 फीसदी की वृद्धि रही है…
नईदिल्ली (ए)। बीते कुछ वर्षों से देश में डिजिटल लेन-देन में वृद्धि हो रही है। इसके बावजूद नकदी का प्रयोग आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है। यही कारण है कि बीते एक वर्ष में देश में नकदी के चलन ने नया रिकॉर्ड बनाया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 11 फरवरी को देश में 30.5 करोड़ रुपए की नकदी चलन में थी, जो 52 सप्ताह का उच्च स्तर था। वार्षिक आधार पर इसमें 8.2 फीसदी की वृद्धि रही है। 4 अगस्त 2021 को देश में 29.6 लाख करोड़ रुपए की नकदी चलन में थी, जो अब बढ़कर 30.5 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।
बीते 6 महीने में इसमें करीब एक लाख करोड़ रुपए या तीन फीसदी की वृद्धि रही है। वहीं, 5 नवंबर 2021 को समाप्त हुए सप्ताह के मुकाबले नकदी के चलन में 9.2 फीसदी की वृद्धि रही है। इस सप्ताह में दिवाली का त्योहार मनाया गया था।
मांग बढ़ने से नकदी प्रबंधन कंपनियों का कारोबार बढ़ा-बीते एक साल में मांग बढ़ने से नकदी प्रबंधन से जुड़ी कंपनियों का कारोबार भी बढ़ा है। ऐसी कंपनियों के ग्राहकों की संख्या में दो से तीन गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। भुगतान सेवाएं देने वाली फिनो फैसिलिटेटिड सीएमएस ट्रांजेक्शंस ने वित्त वर्ष 2021 में 11,828 करोड़ रुपए का लेन-देन किया था। वहीं, कंपनी वित्त वर्ष 2022 के पहले नौ महीनों में ही 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन कर चुकी है। इसके अलावा कंपनी के ग्राहकों की संख्या भी तीन गुना बढ़ी है।
चुनावों और ओमीक्रोंम का भी असर- बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस का कहना है, यह प्रवृत्ति देखी गई है कि नकदी का चलन बढ़ा है। नकदी का इस्तेमाल बढ़ने में कुछ राज्यों में चल रहे चुनावों की भी आंशिक असर है। इसके अलावा कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लोगों ने ज्यादा से ज्यादा नकदी अपने पास जमा की है। उधर, फिनो पेमेंट्स बैंक के एमडी ऋषि गुप्ता का कहना है कि नकदी का चलन धीरे-धीरे बढ़ा रहा है, खासतौर पर ग्रामीण बाजारों में। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान हमारा कारोबार और ग्राहक आधार दोगुना बढ़ा है।
2025 तक 41.5 लाख करोड़ रुपए चलन में होंगे- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में डिजिटल भुगतान बढ़ने के बावजूद 2025 तक नकदी के चलन में 10 फीसदी की वृद्धि होगी। तब देश में 41.5 लाख करोड़ रुपए की नकदी चलन में होगी। कोटक महिंद्रा बैंक के एक अनुमान के अनुसार, चार फरवरी को जीडीपी की 13.5 फीसदी नकदी चलन में थी। यह मार्च 2020 के 12.03 फीसदी के स्तर से भी ज्यादा है। मार्च 2021 में देश में सबसे ज्यादा जीडीपी की 14.5 फीसदी नकदी चलन में थी।
15 करोड़ लोगों के पास अब भी बैंकिंग सुविधाएं नहीं- बैंकिंग सेक्टर से जुड़े जानकारों के मुताबिक, देश के 15 करोड़ लोगों के पास अब भी बैंकिंग सुविधाएं नहीं हैं। इन लोगों के पास लेन-देन के लिए केवल नकदी का ही विकल्प है। 2019 में आरबीआई ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक कमेटी का गठन किया था। तब केंद्रीय बैंक ने कहा था कि नकदी, इस्तेमाल करने का आसान तरीका है और यह सभी जगह स्वीकार्य है। इस कारण भुगतान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी।















