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टेस्ट में स्टॉप क्लॉक से वनडे में नई गेंद और बन्नी हॉप कैच तक…ICC ने किए क्रिकेट के नियमों में कई बड़े बदलाव

आईसीसी ने यह छह बदलाव लागू कर दिए हैं जबकि बाकी के दो बदलावों का ट्रायल होगा। यह ट्रायल अक्तूबर 2025 से शुरू होगा और शुरुआती छह महीनों में इनमें जरूरी बदलाव होंगे…

 

 

नईदिल्ली (ए)। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने खेल को रोमांचक बनाने के लिए क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के नियमों में नए बदलावों की घोषणा की है। इनमें टेस्ट क्रिकेट में स्टॉप क्लॉक से लेकर वनडे में 34 ओवर का खेल होने के बाद नई गेंद तक शामिल है। यहां हम खेल की वैश्विक संस्था द्वारा किए गए आठ बड़े बदलावों के विषय में विस्तार से बात करेंगे।

आईसीसी ने कहा टेस्ट के लिए नए नियम 2025-2027 डब्ल्यूटीसी चक्र से लागू होंगे जिसकी शुरुआत श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच गॉल में पहले टेस्ट के साथ हुई थी। इन दोनों देशों के बीच आगामी सीमित ओवरों की सीरीज वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय के लिए नए खेलने के नियमों की शुरूआत करेगी।

टेस्ट में हुई स्टॉप क्लॉक की एंट्री
धीमी ओवर गति से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टेस्ट में स्टॉप क्लॉक की शुरुआत की है। यह नियम सफेद गेंद प्रारूप में पहले से लागू है। अब आईसीसी ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (2025-27) के नए चक्र से इस नियम को टेस्ट में भी लागू कर दिया है। इस नियम के तहत दो ओवरों के बीच में टीम को अगला ओवर शुरू करने के लिए 60 सेकंड का समय दिया जाएगा। इस समय अंतराल में टीम को हर हाल में अगला ओवर शुरू करना होगा। ओवर खत्म होते ही तीसरा अंपायर मैदान पर लगी घड़ी शुरू कर देगा, जिसमें 60 से लेकर शून्य तक उल्टी गिनती शुरू होगी। अगर इस समय सीमा में ओवर शुरू नहीं होता तो मैदानी अंपायर टीम को दो चेतावनियां देगा। तीसरी चेतवानी पर पांच रन की पेनाल्टी लगेगी। ये रन बल्लेबाजी टीम के खाते में जुड़ेंगे।

वनडे में नई गेंदों का इस्तेमाल
किसी भी वनडे मैच की पारी के पहले 34 ओवरों के लिए दो नई गेंदों का इस्तेमाल किया जाएगा। जिसके बाद फील्डिंग करने वाली टीम बाकी बचे ओवरों के लिए उनमें से एक गेंद का चयन करेगी।
बन्नी हॉप कैच
बन्नी हॉप कैच का मतलब है कि खिलाड़ी सीमा रेखा के बाहर हवा में उछलकर कैच पकड़ता है। नए नियमों के अनुसार,  सीमा रेखा के पार से छलांग लगाने के बाद गेंद के साथ दूसरी बार संपर्क बनाने के लिए किसी भी फील्डर को सीमा रेखा के अंदर मैदान पर आना होगा अन्यथा उसे बाउंड्री मान लिया जाएगा। यह बदलाव अगले साल एमसीसी क्रिकेट नियमों में शामिल किए जाने से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लागू किया जाएगा।
शॉर्ट रन
आईसीसी ने शॉर्ट रन के मामले में भी बड़ा बदलाव किया है। जानबूझकर शॉर्ट रन लेने पर पहले पांच रन का जुर्माना लगता था लेकिन अब बल्लेबाज एक्स्ट्रा रन चुराने के लिए जानबूझकर रन पूरा नहीं करते तो फील्डिंग टीम के पास यह अधिकार होगा कि वह किस बल्लेबाज को स्ट्राइक पर चाहते हैं।

डीआरएस विकेट जोन
क्रिकेट में डीआरएस विकेट जोन विकेट के आसपास के क्षेत्र को कहा जाता है। इसका उपयोग यह तय करने के लिए किया जाता है कि एलबीडब्ल्यू समीक्षा के दौरान गेंद स्टंप्स पर लग रही है या नहीं। नए नियम के अनुसार, विकेट क्षेत्र अब स्टंप और बेल्स की वास्तविक रूपरेखा द्वारा परिभाषित किया जाएगा।

कन्कशन नियम
कनकशन के नियमों में दो बदलाव हुए हैं। पहला अब टीमों को मैच के लिए अपने कन्कशन रिप्लेसमेंट का पहले से ही एलान करना होगा। दूसरा, मैच के दौरान किसी खिलाड़ी को चोट लगने पर उसे वापसी से पहले कम से कम सात दिन तक मैदान से दूर रहना होगा। खिलाड़ियों की सुरक्षा और सेहत को ध्यान में रखते हुए आईसीसी मेडिकल सलाहकार समिति ने इस बदलाव की सिफारिश की है।

घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बदला जा सकेगा खिलाड़ी
यदि कोई खिलाड़ी मैच शुरू होने के बाद (मैच से पूर्व वार्म-अप अवधि सहित) किसी भी समय खेल के मैदान पर गंभीर रूप से घायल हो जाता है, तो उसकी जगह पर मैच के शेष समय के लिए पूरी तरह भाग लेने वाले समान खिलाड़ी को शामिल किया जा सकता है।

वाइड बॉल (टी20 अंतरराष्ट्रीय और वनडे क्रिकेट)
टी20 और वनडे क्रिकेट में वाइड बॉल को लेकर नया नियम लागू किया जाएगा। इसके तहत अगर गेंद फेंकते समय बल्लेबाज ऑफ साइड या लेग साइड की ओर मूव करता है तो प्रोटेक्टेड एरिया की लाइन को वाइड लाइन माना जाएगा। इसका मतलब है कि लेग स्टंप और प्रोटेक्टेड एरिया मार्कर के बीच पॉपिंग क्रीज से गुजरने वाली गेंद को वाइड नहीं माना जाएगा।

टी20 मैचों के लिए नए पावरप्ले नियमों की घोषणा की। ये नियम उन मैचों के लिए होंगे जिनमें किसी वजह से ओवर काट लिए गए हों और पूरे 20 ओवर का खेल संभव न हो। आईसीसी ने बताया कि टी20 के लिए नए प्लेइंग कंडीशन में पावरप्ले के दौरान कितने फील्डर्स को 30 यार्ड सर्कल से बाहर रहने की अनुमति होगी। आईसीसी के इस फैसले से टी20 क्रिकेट का रोमांच दोगुना हो सकता है।
ये नियम जुलाई से लागू कर दिए जाएंगे। इसके मुताबिक, अगर किसी पारी के शुरू होने से पहले ओवर घटाकर आठ ओवर का कर दिया जाता है, तो उसमें अब 2.2 ओवर का पावरप्ले होगा। पावरप्ले के दौरान 30 यार्ड सर्कल के बाहर सिर्फ दो फील्डर्स रहेंगे। पहले अगर किसी पारी में आठ ओवर का खेल कर दिया जाता था तो तीन ओवर का पावरप्ले होता था। इसी तरह नए नियम के मुताबिक, अब पांच ओवर की पारी में 1.3 ओवर का पावरप्ले होगा।
आईसीसी की वेबसाइट पर तालिका में कहा गया है कि छह ओवर की पारी के लिए 1.5 ओवर पावरप्ले के होंगे, सात ओवर की पारी के लिए 2.1 ओवर पावरप्ले के होंगे, आठ ओवर की पारी के लिए 2.2 ओवर, जबकि नौ ओवर की पारी के लिए 2.4 ओवर पावरप्ले के होंगे। 10 ओवर की पारी के लिए तीन ओवर पावरप्ले के होंगे। 11 ओवर की पारी के लिए 3.2 ओवर पावरप्ले के होंगे, 12 ओवर की पारी के लिए 3.4 ओवर पावरप्ले के होंगे।
इसी प्रकार, 13 ओवर की पारी के लिए 3.5 ओवर का पावरप्ले होगा, 14 ओवर की पारी के लिए 4.1 ओवर का पावरप्ले होगा, 15 ओवर की पारी के लिए 4.3 ओवर का पावरप्ले होगा और 16 ओवर की पारी के लिए 4.5 ओवर का पावरप्ले का नियम बनाया गया है। इससे ज्यादा ओवर की पारी होने पर पावरप्ले के ओवर्स नहीं कटेंगे , यानी छह ओवर का ही पावरप्ले होगा।

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