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जो लोग अपने मनोरंजन के लिए गरीबों की झोपड़ियों में फोटो सेशन कराते हैं, उन्हें संसद में गरीबों की बात बोरिंग ही लगेगी: पीएम मोदी

संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही जारी है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना जवाब दिया…

 

नईदिल्ली (ए)। मंगलवार को पीएम मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि देश की जनता ने मुझे 14वीं बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने का मौका दिया है।

इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को ‘बोरिंग’ बताने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग अपने मनोरंजन के लिए गरीबों की झोपड़ियों में फोटो सेशन कराते हैं, उन्हें संसद में गरीबों की बात बोरिंग ही लगेगी। उन्होंने कहा कि हमने गरीब को झूठे नारे नहीं, सच्चा विकास दिया है। गरीब का दुख, सामान्य मानवी की तकलीफ, मीडिल क्लास के सपने ऐसे ही नहीं समझे जाते हैं, इसके लिए जज्बा चाहिए। मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कुछ लोगों में यह है ही नहीं।

इसके बाद पीएम मोदी ने शीशमहल का जिक्र करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया।उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का फोकस आलीशान घरों में जकूजी और शॉवर पर है। कुछ नेताओं का फोकस अपने घर के स्टाइलिश बाथरूम पर है। हमारा फोकस तो ‘हर घर नल से जल’ पहुंचाने पर है।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हम 2025 में हैं। एक तरह से 21वीं सदी का 25 प्रत‍िशत हिस्सा बीत चुका है। आजादी के बाद 20वीं सदी और 21वीं सदी के पहले 25 वर्षों में क्या हुआ, यह तो समय ही तय करेगा। लेकिन अगर हम राष्ट्रपति के अभिभाषण का सूक्ष्मता से अध्ययन करें, तो यह स्पष्ट है कि उन्होंने आने वाले 25 वर्षों और विकसित भारत को लेकर लोगों के बीच विश्वास कायम करने की बात कही। उनका संबोधन विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करता है, नया आत्मविश्वास पैदा करता है और आम लोगों को प्रेरित करता है।

पांच दशक तक हम गरीबी हटाओ के नारे सुनते रहे। आज 25 करोड़ गरीब गरीबी को परास्त कर उससे ऊपर उठ गए हैं। ये अचानक नहीं हुआ है। ये योजनाबद्ध तरीके से हुआ है, समर्पित प्रयासों के कारण हुआ है, गरीबों के संघर्ष के प्रति गहरी संवेदनशीलता के कारण हुआ है। जब कोई गरीबों की सेवा में अपना जीवन समर्पित करता है, तो ऐसे परिणाम मिलते हैं। जो लोग जमीन से जुड़े होते हैं, जो इसकी वास्तविकताओं को समझते हैं और इसके लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं, वे निश्चित रूप से बदलाव लाते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हमने गरीबों को सिर्फ खोखले नारे नहीं दिए, हमने असली विकास किया। गरीबों के संघर्ष, आम आदमी की कठिनाइयों और मध्यम वर्ग की चुनौतियों को समझने के लिए सच्ची प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है। दुख की बात है कि कुछ लोगों में यह सब नहीं है। जो लोग झुग्गी-झोपड़ियों में फोटो सेशन कराकर अपना मनोरंजन करते रहते हैं, उन्हें संसद में गरीबों पर चर्चा बोरिंग लगेगी।

फूस की और प्लास्टिक की कच्ची छत के नीचे जीवन गुजारना कितना मुश्किल होता है। कुछ ऐसे पल भी होते हैं, जब सपने रौंद दिए जाते हैं और ये हर कोई नहीं समझ सकता है। अब तक गरीबों को चार करोड़ पक्के घर मिले हैं। जिसने उस जिंदगी को जिया है, उसे समझ होती है कि पक्की छत वाला घर क्या होता है।

पीएम मोदी ने कहा- हमने जनधन, आधार, मोबाइल की जेएएम ट्रिनिटी बनाई और डायरेक्ट ट्रांसफर करना शुरू किया। हमारे कार्यकाल में हमने 40 लाख करोड़ रुपया सीधा जनता-जनार्दन के खाते में जमा किया। पीएम ने कहा- 2014 के पहले ऐसे बमगोले फेंके गए कि देशवासियों का जीवन छलनी कर दिया गया था, हम धीरे-धीरे उन घावों को भरते आगे बढ़े, 2014 के पहले सिर्फ दो लाख रुपये पर इनकम टैक्स से माफी थी, हमने 12 लाख तक की आय करमुक्त कर दी है। पहली अप्रैल के बाद देश में वेतनभोगियों के पौन तेरह लाख रुपये तक कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ेगा।  पीएम ने आगे कहा- 12 लाख की आय पर टैक्स न लगाने की बात इतनी फैली की लोगों का अन्य फैसलों पर ध्यान नहीं गया, मैं बता दूं कि सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए, हमने न्यूक्लियर सेक्टर को खोल दिया है,  इसका असर आगे देखने को मिलेगा।

पीएम मोदी ने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा- हमने पैसों का इस्तेमाल शीशमहल बनाने में नहीं किया, देश बनाने में किया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर का बजट 1.80 लाख करोड़ था। आज 11 लाख करोड़ रुपया बजट है। सरकारी खजाने में बचत हुई वो तो एक बात है, हमने इस बात पर भी ध्यान रखा कि जन सामान्य को भी बचत का लाभ मिलना चाहिए। आपने देखा होगा कि आयुष्मान भारत योजना, बीमारी के कारण आम आदमी को होने वाला खर्च करीब देश में एक लाख 20 हजार करोड़ रुपए जनता के बचे हैं। जनऔषधि केंद्र में 80 फीसदी डिसकाउंट होता है। जनता के 30 हजार करोड़ रुपए बचे हैं। यूनिसेफ का भी अनुमान है कि जिसके घर में शौचालय बना, उस परिवार को करीब करीब 70 हजार की बचत हुई है। पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान बताया कि, डब्ल्यूएचओ का कहना है कि नल से शुद्ध जल मिलने के कारण उन परिवारों में औसतन 40 हजार प्रति परिवार बचा है। ऐसी अनेक योजनाएं हैं जिन्होंने सामान्य आदमी के खर्च में बचत की है, करोड़ों देशवासियों को मुफ्त अनाज से भी परिवार के हजारों रुपये बचते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि एक प्रधानमंत्री रट गए थे इक्कीसवीं सदी, इक्कीसवीं सदी। आरके लक्ष्मण ने एक कार्टून बनाया था, एक हवाई जहाज था, एक पायलट था और 21वीं सदी लिखा था, ये हवाई जहाज एक ठेले पर रखा हुआ था और मजदूर उसे धक्का लगा रहे थे। ये कार्टून बताता है कि तब के प्रधानमंत्री कितने कटे हुए थे। तब 21वीं सदी की बातें की थी जो 20वीं सदी की जरूरतें भी पूरा नहीं कर पाए थे।

पीएम मोदी प्रयागराज जायेंगे: पीएम मोदी 5 फरवरी को प्रयागराज में महाकुंभ मेला 2025 का भ्रमण करेंगे। पूर्वाह्न करीब 11 बजे वह संगम में पवित्र स्नान करेंगे और मां गंगा की पूजा-अर्चना करेंगे। पौष पूर्णिमा (13 जनवरी 2025) से चल रहा महाकुंभ 2025 दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम है, जिसमें दुनिया भर से श्रद्धालु आते हैं। महाकुंभ 26 फरवरी को महाशिवरात्रि तक जारी रहेगा।

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