विधानसभा चुनाव को लेकर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जिस दिन गृहमंत्री ने संसद में ये बिल प्रस्तुत किया था उस दिन मैंने लोगों को विश्वास दिया था। चुनाव कब होगा इसका अधिकार निर्वाचन आयोग के पास है। जो जानकारी मांगी गई वह जम्मू कश्मीर प्रशासन भेज चुका है। जब भारत निर्वाचन आयोग बताएगा तब चुनाव होगा…
जम्मू-कश्मीर (ए)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में सवालों के जवाब किए। घाटी में सुरक्षा, आतंकवाद व ऑपरेशन ऑलआउट पर उन्होंने कहा कि आतंकवाद अंतिम सांसें ले रहा है। जो आतंकवाद के आका थे वो ऊपर जा चुके हैं, जो बचे हैं, वो जल्द ही ऊपर पहुंचा दिए जाएंगे। पड़ोसियों द्वारा छुट-पुट घटनाएं हो रही हैं। कुछ जवानों का बलिदान हुआ है। उनके एक-एक कतरे का हिसाब सूद समेत लिया जाएगा।
चुनाव में अड़चन को लेकर उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि देश के संविधान ने जिसको जो इजाजत दी है, उसे वह करना चाहिए। पंचायती राज देश में सबसे बाद में जम्मू कश्मीर में शुरू किया है। फिर भी जम्मू कश्मीर आगे है। अब यहां पर पंचायतों के चुनाव भी होंगे।
विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि जिस दिन गृहमंत्री ने संसद में ये बिल प्रस्तुत किया था उस दिन मैंने लोगों को विश्वास दिया था। चुनाव कब होगा इसका अधिकार निर्वाचन आयोग के पास है। जो जानकारी मांगी गई वह जम्मू कश्मीर प्रशासन भेज चुका है। जब भारत निर्वाचन आयोग बताएगा तब चुनाव होगा।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के पास लंबा अनुभव है। भारत का निर्वाचन आयोग सबसे बेहतर है। मनोज सिन्हा ने कहा कि विधानसभा चुनाव करवाके ही जाऊंगा। लेकिन होंगे कब? यह चुनाव आयोग बताएगा। उन्होंने कहा कि जिन्हें पहले पथराव और बंदूक पकड़ाए गए थे अब वह हाथ काम कर रहे हैं।















