दुर्ग। राज्य शासन के निर्देशानुसर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, दुर्ग द्वारा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में दुर्ग जिले में जिला स्तरीय औद्योगिक विकास, ‘‘एमएसएमई तथा स्टार्ट-अप‘‘ प्रचार-प्रसार हेतु एक दिवसीय संगोष्ठी/सेमीनार का आयोजन बुधवार को बी.आई.टी. सभागार, दुर्ग में कलेक्टर अंकित आनन्द के मुख्य आतिथ्य में व के.के. झा, महासचिव, छत्तीसगढ़ सहायक लघु उद्योग संघ के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित किया गया। इस कार्यशाला में उद्योग स्थापना से संबंधित विभाग यथा सीएसईबी, श्रम विभाग, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण मण्डल, जिला पंजीयक कार्यालय, ग्राम एवं नगर निवेश, नगर निगम भिलाई, ‘‘एमएसएमई तथा स्टार्ट-अप‘‘ रायपुर एवं उद्योग संचालनालय, रायपुर से संबंधित अधिकारियों, विभिन्न उद्योग संघों के पदाधिकारी व प्रतिनिधि, उद्यमियों व जिले के विभिन्न तकनीकी व अन्य महाविद्यालयों के लगभग 650 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ ।
जिला स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर महोदय द्वारा दुर्ग जिले में विद्यमान औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए वर्तमान परिदृश्य में खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के विकास के असीम संभावनाओं का उल्लेख किया। इस क्षेत्र में राज्य शासन के मंशानुरूप जिले के सभी विकासखण्डों में फूडपार्क स्थापना प्रक्रियाधीन है, जिसमें से दो विकासखण्डों (धमधा एवं दुर्ग) में भूमि चयनित कर लिये जाने की जानकारी दी गई है। उनके द्वारा विभिन्न वित्तीय संस्थाओं/बैंकों के माध्यम से केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य अनुसार वित्त पोषण किये जाने की जानकारी देते हुए औद्योगिक विकास में उनकी भूमिका के बारे में उपस्थित उद्यमियों व छात्र-छात्राओं को अवगत कराया गया। इसी क्रम में जिले में औद्योगिक विकास से संबंधित विभिन्न घटकों पर विचार-विमर्श हेतु आयोजित की जाने वाली जिला स्तरीय औद्योगिक विकास एवं संवर्धन समिति की बैठक आयोजित कर संबंधित उद्यमियों से विचार-विमर्श करते हुए औद्योगिक विकास एवं आवश्यकता अनुरूपक कार्यवाही किये जाने की जानकारी दी गई। कलेक्टर महोदय द्वारा उपस्थित विभिन्न तकनीकी व अन्य महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए नवाचार को स्टार्ट-अप से जोड़कर उद्यमिता के माध्यम से देश के आर्थिक विकास में उनकी निर्णायक भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसके पूर्व कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन एवं कार्यक्रम रूपरेखा के बारे में जानकारी जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, दुर्ग के मुख्य महाप्रबंधक, अनिल श्रीवास्तव द्वारा दिया गया । उनके द्वारा राज्य शासन के मंशानुरूप समावेशी विकास, आत्म निर्भर एवं परिपक्व अर्थव्यवस्था के निर्माण की ओर अग्रसर होने हेतु प्रारंभ की गई नवीन औद्योगिक नीति 2019-24 से “गढ़बो नवा छत्तीसगढ़“ की परिकल्पना के साथ जिले व राज्य का विकास किया जा रहा है ।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के.के. झा द्वारा राज्य शासन द्वारा प्रारंभ की गई, नई औद्योगिक नीति 2019-24 को राज्य के तीव्र औद्योगिक विकास हेतु निर्णायक बताया। उनके द्वारा बैंकों द्वारा राशि रू.2.00 करोड़ तक उद्योग स्थापनार्थ ऋण स्वीकृति को कोलेट्रल फ्री किये जाने की दिशा में पहल किये जाने का सुझाव दिया गया। इस क्रम में कार्यशाला को संबोधित करते हुए डायरेक्टर एम.एस.एम.ई., राजीव नायर द्वारा केन्द्र शासन द्वारा एम.एस.एम.ई. द्वारा संचालित औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही साथ केन्द्र शासन द्वारा शासकीय क्रय में एम.एस.एम.ई. उत्पाद क्रय वरियता हेतु प्रारंभ की गई योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। लीड बैंक प्रबंधक ए.के. सिंह द्वारा बैंकों के माध्यम से वित्त पोषण की प्रक्रिया एवं प्राप्त किये गये लक्ष्य के बारे में जानकारी दी गई, साथ ही साथ उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा वित्त पोषण के संबंध में किये गये प्रश्नों का सकारात्मक ढंग से अवगत कराया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए बी.आई.टी. दुर्ग, प्राचार्य डाॅ अरूण अरोरा द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को नवाचार को बढ़ावा दिये जाने हेतु स्थापित किये जा रहे इंक्यूबेशन सेन्टर के माध्यम से छात्रों के बिजनेस आईडिया एवं इनोवेशन को सही दिशा एवं आयाम प्राप्त किये जाने की जानकारी दी गई। उन्होंनें उद्योग और उच्च शैक्षणिक संस्थाओं के परस्पर साथ आने से वर्तमान आवश्यकता अनुसार नवीन विचारों को बाजार के अनुरूप व्यवहारिकता प्रदान किये जाने से औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
स्टार्ट-अप एवं ईज आॅॅफ डुईंग बिजनेस के संबंध में राज्य शासन की परामर्शदात्री एजेंसी (ई एण्ड वाई) के अधिकारी सुश्री नमिता राम एवं श्री केशर द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को बिन्दुवार विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यशाला के माध्यम से उद्यमियों, नवीन पंजीकृत उद्यमी, व्यापारियों तथा शासन के विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वयं का व्यवसाय एवं उद्यम स्थापित करने वाले हितग्राहियों, विभिन्न तकनीकी व अन्य महाविद्यालयों केे छात्र-छात्राओं द्वारा किये जा रहे नवाचार पर विषय विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी जावेगी व उनके प्रश्नों व शंकाओं का समाधान भी किया जावेगा। इसी तारतम्य में उद्योग विभाग के अधिकारियों द्वारा नवीन औद्योगिक नीति 2019-24 में प्रावधानित विशेष प्रोत्साहन एवं अनुदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उद्योग स्थापना से संबंधित वर्तमान में अपनाई जा रही सरलीकृत प्रक्रिया से जुड़े संबंधित विभाग यथा पर्यावरण सरंक्षण मण्डल, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, विद्युत विभाग, श्रम विभाग, ग्राम एवं नगर निवेश विभाग, वन विभाग, खाद्य विभाग, नगर निगम, लीड बैंक एवं सी.एस.आई.डी.सी. के अधिकारियों द्वारा उद्योग स्थापनार्थ प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई ।
कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा शासन की नीतियों से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को प्रश्नोत्तरी के माध्यम से संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा जानकारी प्राप्त की गई व इस प्रकार के आयोजन समय-समय पर किये जाने का सुझाव दिया गया ताकि उद्यमियों व भावी उद्यमियों को सही दिशा प्राप्त हो सके। कार्यक्रम का मंच संचालन नमित कुमार द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, दुर्ग के महाप्रबंधक, राजीव शुक्ला द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।











