भिलाई। सपा युवा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष मंतोष यादव ने जातीय जनगणना को लेकर दुर्ग कलेक्ट्रेट में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और कहा की देश में समावेशी विकासात्मक कार्यों को समुचित गति देने हेतु नीति निर्धारण, बजट आवंटन एवं देश में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास नारे के अंतर्गत सामूहिक लक्ष्य प्राप्त करने की अपेक्षित प्रगति तथा वास्तविक जनसंख्या की जानकारी हेतु भारत सरकार द्वारा प्रत्येक 10 वर्षो में जनगणना कराई जाती हैं।
वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना में युगों युगों से उत्पीड़ित, उपहासित, अपेक्षित और वंचित पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्गो की जातीय जनगणना नही कराने के लिए सरकार ने संसद में लिखित सूचना दी हुई हैं। जो की बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्ग के लोग सदियों से अपेक्षित हैं और प्रगति नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में यदि अब जातिगत जनगणना नही कराई जाएगी तो पिछड़ी एवं अति पिछड़ी जातियों की शैक्षणिक, सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक स्थिति का ना तो सही आंकलन हो सकेगा ना ही उनकी बेहतरी व उत्थान संबधित समुचित नीति निर्धारण हो पाएगा और न ही उनकी संख्या के अनुपात में बजट का आवंटन हो पाएगा।
आज से 90 वर्ष पहले जातिगत जनगणना सन 1931 में की गई थी। अतः अब यह समय आ चुका हैं साथ ही देश की बहुसंख्यक आबादी के अलावा छत्तीसगढ़ समाजवादी पार्टी की मांग हैं की अविलंब जनगणना कराई जाए ताकि विभिन्न जातियों के अद्यतन आंकड़े सबके सामने आ सके।

मन्तोष यादव ने ये भी कहा की हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव ने 10 अगस्त 2021 को जातीय जनगणना करने को लेकर अपनी मांग संसद में रख चुके हैं जिसमे उन्होंने कहा था कि सोशलिस्टो ने बांधी गांठ, पिछड़े पावे सौ में साठ। हमारे नेता ने हर समय मांग की हैं की जातीय जनगणना होनी चाहिए जिससे सभी जातियों को उनका लाभ मिल सकेगा।

हमारी मांग प्रदेश के मुख्यमंत्री से ये भी हैं की सभी दल के नेताओ को साथ लेकर प्रधानमंत्री से मिले और प्रदेश की तरफ से जातीय जनगणना कराने को लेकर सबकी सहमति से मांग करे। समाजवादी साथियों में वरिष्ठ नेता गयूर सिद्दिकी जी, युवा नेता सन्नी फर्नांडीज, छात्र नेता श्याम यादव आदि सभी उपस्थित रहें।















