दुर्ग। अनुसुचित जाति व अनुसुचित जन जातिवर्गों के हितार्थ मूलभूत समस्याएं वह मौलिक अधिकार के संदर्भ में विगत वर्ष वर्षों से चली आ रही समस्या को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घोषणा के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में 1950 की बाध्यता को खत्म कर एसी/ एसटी वर्गों के विकास के लिए जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरलीकरण किया गया, जो की प्रत्येक नगर पालिक निगम में बनाए जाने हैं।
वर्तमान में आज भी भिलाई दुर्ग में निवासरत विभिन्न प्रान्त के अनुसुचित जाति व अनुसुचित जन जाति के हजारों लोगों आज जाति प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण वचितं हो रहे हैं. चूकि विभिन्न प्रान्त के निवासरत एसी/ एसटी के बच्चों की शिक्षा प्रयामरी से लेकर हायर एजुकेशन इस छत्तीसगढ़ राज्य में हुआ। आज भी मौलिक अधिकार शिक्षा रोजगार व बुनियादी सुविधाओं से वचितं है, तथा पुरे छत्तीसगढ़ के साथ भिलाई दुर्ग ही नहीं रायपुर राजनांदगांव, बालोद जिले में जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शिथिल व नहीं बनाने जा रहे हैं जिससे स्कूल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति से एवम्ं रोजगार के लिए एसी /एसटी छात्र-छात्राऐ वंचित हो रहे हैं।
उपरोक्त विषय अंतर्गत प्रदेश के नगर पालिका निगम द्वारा सामान्य सभा बुलाकर जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को अतिशीघ्र प्रारंभ करने की कृपा करेंगे .प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दिनाँक 06/072023 को प्रतिवेदन छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन दिया गया।
जिसमे सर्व अनुसुचित जाति समाज के भिलाई दुर्ग के विभिन्न प्रान्त के समाज प्रमुख उपस्थिति थे। प्रमुख रूप से सुनिल रामटेके आल इंडिया एसी एसटी फैडरेशन, ध्रुव सोनी, रत्न माल्या भौतिक, अजित वैध, पार्षद दुर्ग, गुडु प्रसाद पूर्व पार्षद, प्रतिमा वासनिक राजनादगावं, प्रतिनिधित्व,बौद्ध समाज दुर्ग से ज्ञानु बागडें, रामाराव ढोक, आशीष चौहान, आनदं रामटेके, सतोष नदां ,अनिल जोग, अरविन्द चौधरी, विजय बोरकर, श्रवण कुमार, मनोज तारेकर, घनश्याम सोनी, भोजराज, अशोक मडामें, राजु गोस्वामी, बालाकोलते, अनिता चारमे, नारद गोडानें, पचशील बोरकर, हितेन्द् बोरकर, नरेश बटेकर, सहित अनुसुचित जाति वर्ग के सैकड़ों की सख्या में उपस्थिति थे।









