प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जर्मनी में भारतीय डायसपोरा को संबोधित किया, भारत की उपलब्धियों का बखान करते हुए मोदी ने दुनिया भर में फैले भारतीयों को अपना राष्ट्रदूत बताया, कहा कि सरकारी व्यवस्था में एक-दो राजदूत होते हैं. मेरे तो लाखों-करोड़ों राष्ट्रदूत हैं…
नईदिल्ली (ए)। जर्मनी के म्यूनिख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीयों को संबोधित किया. उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों को बताया कि देश कितना बदल गया है. मोदी ने जब देश की उपलब्धियों का बखान करना शुरू किया, अपने देशवासियों की ताकत के बारे में बताना शुरू किया, तो म्यूनिख ‘मोदी-मोदी’ से गूंज उठा. प्रधानमंत्री ने 1975 में लगाये गये आपातकाल को भारत के जीवंत लोकतंत्र पर ‘काला धब्बा’ करार दिया. कहा कि लोकतंत्र हर भारतीय के डीएनए में है और 47 साल पहले, लोकतंत्र को बंधक बनाने और उसे कुचलने का प्रयास किया गया था, लेकिन देश की जनता ने इसे कुचलने की तमाम साजिशों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने म्यूनिख में मौजूद हजारों भारतीयों को बताया कि आज भारत में जिस तरह से ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग हो रहा है, आप उसे जानकर हैरान रह जायेंगे. अब खेतों में खाद का छिड़काव ड्रोन से हो रहा है. स्वामित्व योजना के तहत देश के लाखों गांवों में जमीन और घरों की मैपिंग का काम ड्रोन ही कर रहे हैं. इस अभियान के द्वारा करोड़ों नागरिकों को प्रॉपर्टी सर्टिफिकेट दिये जा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय, राहत एवं बचाव के समय भी ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भारत में लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आज का भारत ‘होता है, चलता है, ऐसे ही चलेगा’ की मानसिकता से बाहर निकल चुका है. आज के भारत की पहचान है- करना है, करना ही है और समय पर करना है. इस संकल्प के साथ हिंदुस्तान चल रहा है. भारत अब तत्पर है, तैयार है, अधीर है. भारत अधीर है प्रगति के लिए, विकास के लिए. भारत अधीर है अपने सपनों को संकल्प से सिद्धि तक पहुंचाने के लिए अधीर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत आज अपने सामर्थ्य में भरोसा करता है. अपने आप में भरोसा करता है. इसलिए आज हम पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं और नये लक्ष्य हासिल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत ने वर्ष 2016 में तय किया था कि 2030 तक हमारी कुल बिजली उत्पादन क्षमता का 40 प्रतिशत नन फॉसिल फ्यूल से होगा. अभी 2030 से हम 8 साल दूर हैं, लेकिन भारत ये लक्ष्य हासिल कर चुका है।
उन्होंने कहा कि हमने पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग का टार्गेट रखा था. ये लक्ष्य भी देश ने डेडलाइन से 5 महीने पहले ही हासिल कर लिया. भारत में कोविड वैक्सीनेशन की स्पीड और स्केल से आप परिचित हैं. आज भारत में 90 प्रतिशत वयस्कों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है. 95 फीसदी वयस्क कम से कम एक डोज ले चुके हैं।
Exhilarating atmosphere in Munich! Addressing a community programme. https://t.co/SzXiRPvRR8
— Narendra Modi (@narendramodi) June 26, 2022
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये वही भारत है, जिसके बारे में कुछ लोग कह रहे थे कि सवा अरब आबादी को वैक्सीन लगाने में 10-15 साल लग जायेंगे. आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तो भारत में वैक्सीन डोज का आंकड़ा 196 करोड़ को पार कर चुका है. मेड इन इंडिया वैक्सीन ने भारत के साथ ही दुनिया के करोड़ों लोगों की कोरोना से जान बचायी है।















