भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस)। महिला शक्ति का एक रूप है, जो हमें जन्म देकर पालती पोसती और इस योग्य बनाती है कि हम अपने जीवन में अच्छे कार्य कर सकें। महिलाएं जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा औऱ कार्यक्षमता का लोहा मनवा रही है। महिलाओ में शिक्षा का व्यापक प्रचार प्रसार करना चाहिए ताकि ग्रामीण इलाकों की महिलाएं भी लाभान्वित हो सकें साथ महिलाएं अपनों अधिकारों के प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूक हो सकें। जब महिला में शक्ति होगी तभी देश की उन्नति होगी। आज की महिलाये किसी भी रूप में पुरुषो से कम नहीं है, वो अपने परिवार के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अपनी इच्छाओं को पूरा कर रही है। वो हर चुनौती का सामना कर रही है, यह सब सम्भव उस शक्ति के द्वारा होता है जो शक्ति प्रकृति ने महिलाओ को दी है। यह सब बातें समाजसेवी ज्योति साहू ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया।
ज्योति साहू की प्रारंभिक और हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा बीएनएस स्कूल, सेक्टर-8, भिलाई में पूरी हुई। वर्ष 2012 में इन्होंने शंकराचार्य कॉलेज से बीकॉम किया। पढ़ाई पूरी करने के पश्चात इन्होंने वर्ष 2012 से 2015 तक 108 संजीवनी एक्सप्रेस, रायपुर में फ्लोर मैनेजर के पद पर अपनी सेवाएं दी। मार्च 2015 में एक बिजनेसमैन से इनका विवाह हुआ। वर्ष 2016 से 2017 तक इन्होंने सनसाइन स्कूल, चंदखुरी में बीपीओ ट्रेनर के पद पर कार्य किया। जनवरी 2019 से यह सामाजिक संगठन फाउंडेशन से जुड़ी और समाजसेवा कर रही है। यह संस्था दुर्ग-भिलाई में संचालित कई स्कुलो के गरीब बच्चों को स्पोर्ट्स किट्स, कपड़ा, बुक्स, फंड्स, गर्म कपड़े आदि का सहयोग करती है साथ ही श्रमिक बस्तियों के बच्चों को भी समय-समय पर सहयोग करती है।
डांसिंग, सिंगिंग और समाजसेवा में विशेष रुचि रखने वाली ज्योति साहू अपने पति को अपना आदर्श मानती है। शुरू से ही यह समाजसेवा में इंटरेस्टेड रही और शादी होने के बाद पति के सहयोग से अब सक्रिय होकर समाजसेवा से जुडी है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन द्वारा पंजीकृत संस्था महालक्ष्मी महिला स्वसहायता समहू, सरस्वती महिला स्वसहायता समहू, शक्ति महिला स्वसहायता समहू, भक्ति महिला स्वसहायता समूह संस्थाओं से जुड़ी है यह संस्थाएं
अनरसा, मिक्चर, मुरकू, पोहा, टैडीवियर, अगरबत्ती आदि बनाती है और बेचकर स्वरोजगार करती है। महाशक्ति महिला समिति महिलाओ को लोन दिलाने के अलावा घरेलू हिंसा, आपसी विवाद आदि मामलो में भी सहयोग करती है। यह महाशक्ति महिला समिति की अध्यक्ष भी है। महिला दिवस पर महिलाओं को संदेश दिया है कि महिलाये घर से बाहर निकलकर बाहर की दुनिया देखे और सबके साथ मिलकर काम करे। हमारी संस्था उनको पूरा सहयोग करेंगी, कोई दिक्कत तो उसको साझा करें ताकि उस समस्या का समाधान किया जा सके। समाज के निर्माण में महिलाओं का भी उतना योगदान है जितना कि पुरुष का है। सभी महिलाओ सहयोग और सम्मान करें।









