झारखंड में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अगर चंपई सोरेन भाजपा का दामन थामते हैं तो यह सत्ताधारी झामुमो के लिए बड़ा झटका होगा…
नईदिल्ली (ए)। झारखंड के पूर्व सीएम और झामुमो नेता चंपई सोरेन को लेकर राज्य की राजनीति गरमाई हुई है। दरअसल ऐसी खबरें आ रही हैं कि चंपई सोरेन बगावत कर सकते हैं और झामुमो छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। चंपई सोरेन रविवार को दिल्ली पहुंचे हैं और ऐसी खबरें है कि यहां वे भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। दिल्ली पहुंचने पर मीडिया से बात करते हुए चंपई सोरेन ने कहा कि वह निजी काम से दिल्ली आए हैं। खबर ये भी है कि सोरेन के साथ छह विधायक भी साथ गया है।वही चंपई सोरेन ने सोशल मीडिया प्रोफाइल से JMM लीडर-मंत्री हटाया दिया है।
चंपई सोरेन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ लगातार संपर्क में बने हुए हैं और उनके साथ 6 विधायक भी दिल्ली आ रहे हैं. इन सभी विधायकों से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) नेतृत्व का संपर्क नहीं हो पा रहा है. कहा जा रहा है कि ये सभी विधायक भी बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. JMM के जिन विधायकों से नेतृत्व का संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनमें दशरथ गगराई, रामदास सोरेन, चमरा लिंडा, लोबिन हेमब्रोम, समीर मोहंती शामिल हैं।
चंपई सोरेन कोलकाता से दिल्ली पहुंचे हैं। जब चंपई सोरेन से पूछा गया कि वे कोलकाता क्यों गए थे? तो चंपई सोरेन ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया और कहा कि ‘वह इसके बारे में बाद में बताएंगे’। साफ है कि चंपई सोरेन ने भाजपा में शामिल होने की बात से इनकार नहीं किया है। ऐसी चर्चाएं हैं कि चंपई सोरेन कई विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं। झारखंड में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अगर चंपई सोरेन भाजपा का दामन थामते हैं तो यह सत्ताधारी झामुमो के लिए बड़ा झटका होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चंपई सोरेन के पैतृक गांव और माहुलडीह इलाके में स्थित झामुमो के कार्यालय और बाजार से झामुमो के झंडे हटा दिए गए हैं।
जमीन घोटाले में जब हेमंत सोरेन को बीती जनवरी में गिरफ्तार किया गया था, जिसके चलते हेमंत सोरेन ने झारखंड सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद फरवरी में चंपई सोरेन राज्य के सीएम बने। हालांकि जुलाई में जब हेमंत सोरेन जमानत पर जेल से बाहर आए तो चंपई सोरेन ने सीएम पद से इस्तीफा दिया और फिर से हेमंत सोरेन सीएम चुने गए।
झारखंड की भाजपा इकाई ने चंपई सोरेन के इस्तीफे को मुद्दा बनाया था और आरोप लगाया कि चंपई सोरेन के इस्तीफे से साफ हो गया है कि झारखंड में हेमंत सोरेन के परिवार के अलावा कोई अन्य नेता राज्य का सीएम नहीं बन सकता। भाजपा ने हेमंत सोरेन पर स्वार्थ की राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा ने चंपई सोरेन के सीएम पद से हटने को आदिवासी समुदाय का अपमान भी बताया था।
झारखंड को राज्य का दर्जा दिलाने में चंपई सोरेन की अहम भूमिका रही। खासकर राज्य के आदिवासी समुदाय में चंपई सोरेन का अच्छा खासा दबदबा है। चंपई सोरेन को कोल्हन का शेर भी कहा जाता है। ऐसे में अगर चंपई सोरेन झामुमो छोड़कर भाजपा में शामिल होते हैं तो इससे पार्टी को उम्मीद है कि उसे आदिवासी वोटबैंक का अच्छा समर्थन मिल सकता है।
















