भिलाई। गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर शराब घोटाले का खुलासा करते हुए 28 करोड़ रुपए की संपत्ति को अटैक किया है, जिसमे नगद 52 लाख रुपए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में शराब घोटाले में चल रही मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच में गिरफ्तार नितेश पुरोहित और त्रिलोक सिंह ढिल्लों के पास से तलाशी के दौरान, और पीओसी होने के संदेह में 28 करोड़ रुपये की चल संपत्ति का पता लगाया गया और जब्त किया गया। जिसमें 27.5 करोड़ एमडी एवं 52 लाख रुपए नगद है। ईडी 2019 से 2022 के बीच शराब घोटाले की जांच कर रहा है। जिसमें अवैध रूप से धन उत्पन्न किया गया था और
विभिन्न भ्रष्ट तरीकों से गबन किया गया था।
भाग- कमीशन-सीएसएमसीएल (शराब की खरीद और
बिक्री के लिए राज्य निकाय) द्वारा डिस्टिलरों से खरीदी गई
शराब के प्रति मामले के आधार पर डिस्टिलर्स से रिश्वत वसूली गई थी। बिना हिसाब वाली कच्ची देशी शराब की बिक्री। इस मामले में, एक रुपया भी सरकारी खजाने में नहीं पहुंचा और बिक्री की पूरी रकम सिंडिकेट की जेब में चली गई। अवैध शराब सरकारी दुकानों से ही बेची जा रही थी।
पार्ट-सी कमीशन-डिस्टिलर्स से रिश्वत ली जाती है ताकि उन्हें
कार्टेल बनाने और बाजार में निश्चित हिस्सेदारी रखने की अनुमति मिल सके। यह कार्टेल विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य के लिए आपूर्तिकर्ता था। ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि अनवर ढेबर का करीबी सहयोगी नितेश पुरोहित अवैध रूप से जमा की गई नकदी को संभालने और ले जाने में शामिल था। वह अनवर ढेबर के निर्देशानुसार नकदी का परिवहन कर रहा था। उन्हें 10.5.2023 को गिरफ्तार किया गया और पीएमएलए विशेष अदालत रायपुर के समक्ष पेश किया गया और पूछताछ के लिए ईडी को 5 दिन की ईडी हिरासत दी गई है। पढ़े ईडी की प्रेस विज्ञप्ति…










