BREAKING

दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद की आवश्यक बैठक संपन्न: हर्षोल्लास के साथ मनाया बसंत पंचमी, एक दूसरे को गुलाल लगाकर दी बधाई

भिलाई। बुधवार की शाम को छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद की आवश्यक बैठक पावर हाउस में रखी गई। इस बैंठक में परिषद के सदस्यों द्वारा सर्वप्रथम बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया गया साथ ही एक दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई। परिषद के सदस्यों द्वारा 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ के शदीद हुए 40 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।

परिषद के संरक्षक संजय ओझा ने अपने उद्बोधन में एक गुलदस्ते का उदारण देते हुए कहा की हम समाज नही है, हम सभी विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि है और इस गुलदस्ते में एक साथ है। ये गुलदस्ता हमारा छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद है। इस परिषद को कैसे मजबूत करना है इस पर हमे सोचने और काम करने की जरूरत है। इस गुलदस्ते के रूप में एकजुट होकर हम सभी आज यहां बैठे है। हम अलग अलग समाज के अध्यक्ष है और सभी समाज छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद में समाहित है और कोई भी हमे कार्यक्रम या अन्य आयोजनों में बुलाएगा तो उनसे कहे की आप छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद को बुलाइए, इसमें सारे समाज के प्रतिनिधि शामिल है, सभी लोग एक साथ जायेंगे, जिससे हमारी ताकत, हमारी एकजुटता दिखेगी। हमे संगठित होकर समाज, राज्य और देशहित में काम करने की आवश्यकता है। हम सक्षम है की जमीन खरीद सके और नेतृत्व करने की क्षमता हममे है।

छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद के प्रांताध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन बहुत ही पवित्र दिन है, मां सरस्वती के कृपा सब पर बनी रही। हमारे उत्तर भारत में खासकर बिहार में मां सरस्वती के विशेष कृपा रही है तभी तो वहां से सबसे जायदा आईएएस- आईपीएस अधिकारी मिलते है। कहा जाता है की बिहार बहुत पिछड़ा है, वहा कुछ नही है लेकिन जहां विविधता होती है वही दिया तले अंधेरा होता है। अगर हम लोग इतिहास को देखते है और पढ़ते है तो सम्राट अशोक, आर्यभट्ट, गुरु गोविंद सिंह, चंद्रगुप्त मौर्य, चाणक्य, महावीर, महर्षि वाल्मीकि, गौतम बुद्ध जैसे कई महान व्यक्ति बिहार की भूमि से है और पूरे देश दुनिया में नाम रौशन किए।

श्री बैठा ने कहा कि परिषद के सभी सदस्य एकजुट होकर एक परिवार के साथ रह रहे है और आगे निरंतर बढ़ते रहे इसी भावना के साथ सबको आगे भी काम करना है। हमारी ताकत को पूरी दुनिया जानता है, हाल ही में पीएम मोदी ने अमेरिका में संदेश दिया था की हमने पूरी दुनिया को बुद्ध दिया है। रिलायंस की मालकिन नीता अंबानी ने भी अमरीका में कहा की हम बुद्ध की धरती से आए है, अहिंसा परमो धर्म का नारा को बताया है। ये हमारी छवि हैं। बुद्ध शांति का प्रतीक है और हमको उनके पदचिन्हों पर चलना चाहिए।

श्री बैठा ने पीएम मोदी जी के नेतृत्व में देश हित में किए गए कार्य की भी सराहना की और परिषद के तरफ से बधाई एवं शुभकामनाएं दी। हमारी एकता की ताकत का ही असर है की पूर्व सीएम ने छठ पर्व पर सरकारी छुट्टी घोषित की और हमने उनके सम्मान में खेसारी लाल के इतने बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया। हम अपने आने वाले पीढ़ी को क्या संदेश देंगे ये सोचने वाला विषय है, आने वाला पीढ़ी इतना व्यस्त है की हमारी संस्कृति के बारे में सोचना पड़ेगा। जिस प्रदेश का संस्कृति डूब गया तो समझिए की उसका वजूद खत्म हो जाता है। इसलिए छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद को आगे बढ़ाने के लिए सबको मिलकर प्रयास करना है। परिषद के लिए जमीन, आर्थिक स्थिति मजबूत करने, धार्मिक और सामाजिक आयोजन करने, चैता कार्यक्रम और कुस्ती के आयोजन, सदस्यों को जोड़ने जैसे कई विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रांताध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा को जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं गई।

बैठक में परिषद के अन्य सदस्यों ने भी अपने अपने विचार साझा किए। इस दौरान निशिकांत शर्मा, योगेंद्र पाठक, सुभाष शर्मा, मृत्युंजय भगत, नंद किशोर सिंह, प्रेम प्रकाश मिश्रा, बीपी सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, सरोज कुमार सिंह, सनोज कुमार चौधरी, अशोक विश्वकर्मा, हरिराम विश्वकर्मा, रामनिवास पांडेय, ओपी रजक, ओपी शर्मा, अमित सोनी, सुमित बैठा आदि मौजूद रहे।

 

Related Posts