छत्तीसगढ़ में तपती और जलती गर्मी के बीच लोगों के लिए राहत भरी खबर है, मौसम विभाग की मानें तो मानसून ने छत्तीसगढ़ में दस्तक दे दी है, सूबे के दक्षिण पश्चिम हिस्से में गुरुवार को मानसून की एंट्री हो गई….
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तपती और जलती गर्मी के बीच लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग की मानें तो मानसून ने छत्तीसगढ़ में दस्तक दे दी है। सूबे के दक्षिण पश्चिम हिस्से में गुरुवार को मानसून की एंट्री हो गई है। सप्ताहभर में मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा। मानसून के आगमन से मौसम का मिजाज भी बदलने लगा है। प्रदेश में कई जगहों पर गरज चमक के साथ मानसूनी फुहारें पड़ीं। आसमान में बादल छाने और बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों, दक्षिण मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है। मानसून की उत्तरी सीमा पोरबंदर, भावनगर, खंडवा, गोंदिया, दुर्ग, भवानीपटना, कलिंगपट्टनम, बालुरघाट और सुपौल तक है। छत्तीसगढ़ में मानसून दुर्ग तक पहुंच गया है। अभी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बादल बने हुए हैं। मानसून को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही है, इसलिए जल्दी ही छत्तीसगढ़ के कुछ और जिलों तक मानसून पहुंच जाएगा।
गरज-चमक के साथ बारिश व व्रजपात की संभावना
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी एचपी ने बताया कि दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग में 15 जून को कई स्थानों पर बारिश के बाद मानसून डिक्लेयर हुआ है। अगले कुछ दिनों में मानसून रायपुर होते हुए अंबिकापुर तक सक्रिय हो जाएगा। एचपी चंद्रा के बताया कि एक पूरब पश्चिम द्रोणिका हरियाणा से नागालैंड तक स्थित है। प्रदेश में पश्चिमी हवा के प्रभाव के कारण अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज किया गया था। प्रदेश में 17 जून को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने, गरज चमक के साथ वज्रपात की संभावना है। इस दौरान अंधड़ भी चल सकती है।
















