मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय बिलासपुर के फोटो का प्रतिरूपण कर प्रयोग करने पर प्रोटोकाल अधिकारी संजीव सिन्हा द्वारा थाना चकरभाठा में दर्ज कराया था एफआईआर…
बिलासपुर। दिनांक 20/7/2022 को अज्ञात आरोपियों ने उच्च न्यायालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी की फोटो व्हाट्सएप प्रोफाइल में लगा कर फर्जी मैसेज भेज कर ठगी करने का प्रयास किया था। वाट्सएप पर आए मैसेज के फर्जी होने की पुष्टि होने तथा मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय बिलासपुर के फोटो का प्रतिरूपण कर प्रयोग करने पर प्रोटोकाल अधिकारी संजीव सिन्हा द्वारा थाना चकरभाठा में प्रथम सूचना पत्र अपराध क्रमांक 246/22, धारा 419,420,511 IPC एवम 66(C),66(D),84 IT एक्ट पंजीबद्ध कराया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर द्वारा गठित ACCU बिलासपुर और थाना चकरभाठा की संयुक्त टीम ने ASP (शहर) राजेंद्र जायसवाल, ASP (चकरभाठा) गरिमा द्विवेदी के निर्देशानुसार कार्य कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
घटनाक्रम वॉट्सएप मैसेंजर मोबाइल नंबर 6033151630 के धारक द्वारा अंबिकापुर छत्तीसगढ़ जिला न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश बिहारी घोरे के व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज किया एवम व्यस्त रहने की वजह से अमेजान गिफ्ट कार्ड अरेंज करने टेक्स्ट किया था।
विवेचना उक्त नंबर और वाट्सएप मैसेंजर का बिलासपुर साइबर यूनिट द्वारा मोबाइल सर्विस प्रदाता, गूगल के नोडल और वाट्सएप कंपनी से जानकारी प्राप्त की, जिसमें सिम नंबर
8837348541, 9612722801, 6033151630, 9366836743 जिनका आईएमइआई नंबर 868348053978957, 868348053978965 और 867381045890437, 867381045890445 है, के धारक द्वारा अपराध करना पाया गया तथा आरोपियों का लोकेशन आईजोल मिजोरम मिला।
रेड घटना के बाद आरोपियों ने मुख्य नंबर को बंद कर दिया था। मिजोरम हिंदी अंग्रेजी बोली बोले जाने वाली राज्य नही होने के कारण आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भेजी गई टीम ने सबसे पहले आइजोल में लोकल मुखबिर तैयार किया और आरोपियों की पताशाजी में लग गई थी। लगातार 4 दिन की रेकी के बाद सटीक लोकेशन मिलने पर टीम द्वारा रेड कार्यवाही किया गया। घटना में प्रयुक्त दोनों मोबाइल व चारों सिम लाल हमिंग सांगा और जोथान मोविया के पजेशन से प्राप्त होने पर उन्हें जप्त किया गया है।
गिरफ्तारी पर्याप्त टेक्निकल व प्राथमिक साक्ष्य के आधार पर आरोपियों को डूर्टलांग मिल 5 आइजोल मिजोरम में विधिवत गिरफ्तार किया गया है।
उक्त गिरफ्तार आरोपियों को थाना चकरभाठा बिलासपुर छत्तीसगढ़ क्षेत्राधिकार के ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास बिल्हा के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है चूंकि आइजोल से बिलासपुर की दूरी लगभग 2000 किलोमीटर है। अतः मुख्य न्यायधीश आइजोल से बिलासपुर पुलिस टीम द्वारा ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है।















