दुर्ग। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, वैज्ञानिक अभिवृत्ति तथा समाज व परिवेश में निहित समस्याओं के वैज्ञानिक विधि से समाधान ढूंढने की प्रवृत्ति जागृत करने हेतु भारत सरकार के विज्ञान एवम् प्रौद्योगिकी विभाग पूरे देश के बच्चों में बाल वैज्ञानिक बनने की चेतना उत्पन्न करने हेतु प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस प्रतियोगिता का आयोजन करता है।
इस वर्ष यह प्रतियोगिता 15 से 18 फरवरी तक गुजरात काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा अहमदाबाद में आयोजित किया गया। कोविद-19 के मद्देनजर यह प्रतियोगिता वर्चुअल मोड में आयोजित किया गया। पूरे देश के राज्य बाल वैज्ञानिक व विदेशों से बाल वैज्ञानिक इस गौरवपूर्ण प्रतियोगिता में प्रतिभागिता दर्शा रहे हैं।
जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जेवरा सिरसा के राज्य बाल वैज्ञानिक हर्षा देवांगन व रागिनी सपहा तथा डीएवी पब्लिक स्कूल के राज्य बाल वैज्ञानिक धैर्य कसार व गुंजन शर्मा ने अपने मार्गदर्शक शिक्षक सपना सोनी व अजय शर्मा के उत्कृष्ट मार्गदर्शन में अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
एक्सपर्ट टीम ने सामाजिक नवाचार हेतु कृषकों के आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु शैवाल उत्पादन कर हरित ईंधन के रूप में उपयोग करने के प्रोजेक्ट की सराहना की साथ ही नॉन कनवेंशनल मोबाइल चार्जर के द्वारा दुर्गम स्थानों पर मोबाइल चार्जिंग की समस्या के समाधान की प्रशंसा किया।















