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छत्तीसगढ़ – अपरिमित सौंदर्य…. सिर्फ़ ऑसम मौसम का ही मज़ा नहीं है मैनपाट में : आईपीएस मयंक श्रीवास्तव

क्रमशः छत्तीसगढ़: अपरिमित सौंदर्य………
सिर्फ़ ऑसम मौसम का ही मज़ा नहीं है मैनपाट में!
रूमानी मौसम को जवां करते हैं इसके नज़ारे, और ऐसा ही एक ख़ूबसूरत नजारा है टाइगर पॉइन्ट जल प्रपात का। गाँव वाले कहते हैं कि पहले यहाँ बाघ पानी पीने आते थे, और इसीलिए इसका नाम टाइगर पॉइंट पड़ा, जिसके नाम से मांड नदी पे बने इस 60 फीट ऊँचे जल प्रपात को जाना जाता है। इसी तरह का एक और जल प्रपात पास में ही है, मछली नदी पे बना विस्मयकारी 80 फीट ऊँचा जल प्रपात, फ़िश पॉइंट जल प्रपात। यहाँ मछलियों की कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं, अतः ये नाम। बहुत हैं जल प्रपात- घाघी है, गवंगा(20 मी.), जलपरी, एलिफ़ेंट है। जितने रोचक नाम हैं उनके उतने ही रोचक स्थान हैं वो।
क्या सुन्दर नज़ारा है इस टाइगर पॉइन्ट जल प्रपात का! कोई मुझसे पूछा कि झरने में क्या ख़ूबसूरती होती है? अब, ख़ूबसूरती तो देखने वाले के आँखों और मन में है, सो ये बयाँ करना तो मुश्किल है कि क्या ख़ूबसूरती होती है, मगर इतना पता है कि जो कॉन्क्रीट के उबाऊ जंगल से प्राकृतिक जंगल के बीच जा रहा हो, उसके लिए हर उस चीज में ख़ूबसूरती है जिसमें प्रकृति ने रंगों का, रवानी (बहाव) का श्रृंगार किया हो। एक तरफ़ कृत्रिम सी नीरसता है, एकरसता है दूसरी तरफ़ पत्थरों के बीच से रास्ते बनाती पानी की धाराओं की रवानी जैसी प्राकृतिक सरसता है-
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है
जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
और जहां रास्ते ख़त्म होते से लगते हैं, वहाँ दर’असल ख़त्म कुछ नहीं होता, नया बनता है, पुरातन से नवीन की उत्पत्ति होती है, जल पतित नहीं होता, जल प्रपतित (प्रपत्= उड़ जाना) होके नया रास्ता बनाता है। ये सुंदरता ही नहीं कौतुहल का विषय भी है-
आलम’ जीवन खेल-तमाशा दानाई नादानी है
तब तक ज़िंदा रहते हैं हम जब तक इक हैरानी है

इस मंज़र को आख़िर क्यूँ मैं पहरों तकता रहता हूँ
ऊपर साकित चट्टानें हैं तह में बहता पानी है
(रवानी- बहती हुई/आत्मा; दानाई- बुद्धिमत्ता; साकित- स्थिर, शांत; ‘आलम’- शायर का नाम)
उल्टापानी में जो है, वो चमत्कार जैसा है। अगर इंसान जादू करता है तो लगता चमत्कार है पर होता हाथ की सफाई है, परंतु प्रकृति हाथ की सफ़ाई नैन दिखाती, वो चमत्कार करती लगती है। यहाँ ये चमत्कार है कि पानी गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध ऊपर चढ़ता प्रतीत होता है। उल्टापानी या बिसरापानी, कमलेश्वरपुर, मैनपाट में पड़ता है। कहा जाता है कि कुछ वर्ष पहले ग्रामीणों ने खेत सींचने के लिए एक आम के पेड़ के मात्र 4.2 सेमी के नीचे स्थित एक प्राकृतिक जलस्रोत (स्प्रिंग) के पानी को अपने खेत में करने के लिए, नाली बनाई और एक राजस्व अधिकारी ने ये देखा कि पानी वस्तुतः नीचे से ऊपर जाता प्रतीत होता है, तब इस जगह के बारे में लोगों को पता चला। अब बाक़ायदा इस जगह पे बोर्ड लगा दिया गया है, और स्थानीय महिला उद्यमियों ने यहाँ एक देशी रेस्टरंट खोल लिया है। क़रीब डेढ़ मीटर सीधा चल के पानी ऊपर बहता प्रतीत होता है। इसकी कुल लम्बाई 185 मीटर है। आप इस जगह का ज़िक्र विकिपीडिया में भी पा सकते हैं। इस चमत्कार को समझने के लिए कुछ शोध भी हुए हैं, ऐसे ही एक शोध में डॉक्टर एच डी महार आदि ने इसका सम्भावित कारण चुम्बकीय पहाड़ी के चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता का परिवर्तन बताया है ( स्रोत में तीव्रता 21 माइक्रोटेस्ला और अंत पे 50 माइक्रोटेस्ला पाई गई थी)। मैं, यद्यपि कोई वैज्ञानिक नहीं, परंतु जिज्ञासु तो हूँ ही, अतः मैंने भी शोध में बेवजह अपनी नाक घुसेड़ी। मैंने मैवरिक नाम के ऐप से स्रोत से लेकर अंत तक का एलेवेशन (समुद्र तल से) मापा, और पाया कि स्रोत से आगे एलेवेशन घटता ही है (तो विकिपीडिया सही है क्या?)। यद्यपि, इस तरह के ऐप विश्वसनीयता में परिपक्व नहीं माने जाने चाहिए, क्यूँकि ऐसे मापन में सही कैलिब्रेशन और मार्जिन आव एरर की सीमा का सही सही निर्धारण नहीं हो सकता।
जो भी हो, आप तो बस इस चमत्कार का मज़ा लीजिए, जैसे हमने इस जगह पे गरमा-गरम स्वादिष्ट चाय का और अपनी गाड़ी को नूट्रल गेयर में डाल कर “ऊपर” जाने का मज़ा लिया, और हम भोजन करने बढ़ चले वन विभाग के निहायत सुंदर और स्वच्छ भवन की ओर। हाल के कुछ सालों में मैनपाट में रहने की जगहों और पर्यटन की जगहों में वहाँ पदस्थ अधिकारियों ने उनको संरक्षित, सुरक्षित और सुव्यवस्थित करने में बहुत रुचि रखी। रुकने के जगहों में प्राइवेट होटेल के अलावा, छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन विभाग का रिज़ॉर्ट भी उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ सरकार प्रति वर्ष रंगारंग सांस्कृतिक मनोरंजक कार्यक्रमों से सुसज्जित मैनपाट महोत्सव का आयोजन कर मैनपाट घूमने के और अवसर देती है। ये महोत्सव फ़रवरी के दूसरे तीसरे सप्ताह में ख़ास मैनपाट में मनाया जाता है। मैनपाट जाने के लिए सड़क मार्ग के अतिरिक्त ट्रेन से रायपुर, बिलासपुर आदि से जाया जा सकता है।
क्रमशः

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