रायपुर। छग राज्य नगरीय प्रशासनिक सेवा संघ ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को पत्र लिख कर मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के विभिन्न मांगो के संबंध में आवश्यक चर्चा हेतु समय की मांग की है। प्रांतीय अध्यक्ष राजेश गुप्ता के हस्ताक्षर से जारी पत्र में लिखा है कि…
विषयांतर्गत लेख है कि छ.ग. नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 87 अनुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की नियुक्ति राज्य शासन द्वारा लोक सेवा आयोग के माध्यम से किया जाता है व राज्य स्तर पर राजपत्रित श्रेणी व सीधी भर्ती का एक मात्र पद है व राज्य द्वारा समय-समय पर अपने आदेश निर्देश पर अलग-अलग शाखाओं में पदस्थ कर कार्य लिया जाता है।
सविनय निवेदन है कि नगर निकायों के सशक्तिकरण और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने हेतु हम राज्य के मुख्य नगर पालिका अधिकारीगण, आपके समक्ष निम्नलिखित मांगे प्रस्तुत करते है:-
1. वरिष्ठ CMO को आयुक्त पद पर पदस्थापना किया जाए, जिससे अनुभव व सेवा का उचित सम्मान हो और नगरों में प्रशासनिक नेतृत्व को मजबूती मिलें।
2. मध्यप्रदेश की तर्ज पर कैडर का गठन किया जाए, जिससे सेवा की निरंतरता, पदोन्नति एवं स्थानांतरण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सके।
3. “ग” श्रेणी के अधिकारियों को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा प्रदान किया जाए, जिससे उनके कार्यों को सस्थागत मान्यता प्राप्त हो।
4. अपर संचालक (नगरीय प्रशासन) में एक पद विभागीय अधिकारियों के लिए आरक्षित किया जाए एवं SUDA में अपर मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पद विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों हेतु सुनिश्चित किया जाए, जिससे विभागीय अधिकारियों को वरिष्ठ पदों तक पहुँचने का अवसर मिले।
5. पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए, जिससे कर्मचारियों कों आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हो।
6. मध्यप्रदेश की तर्ज पर नगर निगम अधिनियम 1956 एवं नगर पालिका अधिनियम 1961 को मर्ज किया जाए, जिससे एकरूपता, स्पष्टता एवं विधिक सुदृढ़ता सुनिश्चित की जा सके।
उपरोक्त मांगे नगर निकाय प्रशासन के कुशल संचालन एवं सेवाओं की गुणवत्ता सुधार हेतु अत्यंत आवश्यक है, आशा है कि आप इस मांगो पर संवेदनशीलता से विचार कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। अतएव उपरोक्त मांगो के संबंध में आवश्यक चर्चा हेतु समय प्रदान करने का कष्ट करेंगे।
















