भिलाई 03। नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा का पानी टैंकर बुधवार की सुबह लगभग सात बजे करीब जनता विद्यालय के पास मिडिल कट पर राष्ट्रीय राजमार्ग के बीचों बीच पलट गया, जिसके कारण कुछ देर यातायात प्रभावित हुई। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
यह हादसा टैंकर चालक के लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाने के कारण हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और वहां के रहवासियों ने बताया कि उक्त टैंकर चालक रोजाना यहां से आता जाता है, सड़क के मिडिल कट पर गाड़ी धीरे करके मोड़ना चाहिए लेकिन यह चालक स्टाइल मारते हुए गाड़ी को फूल स्पीड से मोड़ता है जिसके कारण यह हादसा हुआ है। कई बार गाड़ी पलटे से बच चुका है।
जनता विद्यालय के मिडिल कट के पास ही आत्मानंद स्कूल है और सुबह सुबह वहां कई गाड़ियां रुकती है और लोग उससे ड्यूटी जाते है। बहुत से बच्चे वहां स्कूल बस का भी इंतजार करते है। स्कूली बच्चे रोड पार करने के लिए भी मिडिल कट पर इंतजार करते है। जिस समय हादसा हुआ उस वक्त टैंकर के आगे -पीछे कोई गाड़ी नहीं थी नहीं तो बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टैंकर चालक सुबह डीजल भरवाने पेट्रोल पंप जाता है और ऐसे ही तेज गति से गाड़ी को चौक पर मोड़ता है, अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो बड़ी दुर्घटना होना तय है। टैंकर पलटने से उसमें भरा हुआ पानी रोड पर गिर गया और हजारी लीटर पानी बर्बाद हो गया।
नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा जैसी शासकीय संस्था में बिना नंबर की गाड़ी रोजाना पानी टैंकर लेकर अलग अलग वार्डो में जाती है, अगर इन वाहनों से हादसा होगा तो कैसे पहचान होगी की ये गाड़ी का नंबर क्या है? दुर्ग ट्रैफिक पुलिस आम जनता की गाड़ियों पर तो तुरंत जुर्माना या जप्ती जैसे कार्यवाही कर देती है लेकिन निगम की गाड़ी जो रोज राष्ट्रीय राजमार्ग सहित निगम के वार्डो में बिना नंबर के घूम रही है उस पर कौन कार्यवाही करेगा?
अब देखना है कि निगम प्रशासन उक्त टैंकर चालक पर कब कार्यवाही करती है और अपने टैंकर में कब नम्बर प्लेट लगाता है? वहीं ट्रैफिक पुलिस ऐसे वाहनों पर कब एक्शन लेती है?
















