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चारागाह की जमीन को कब्रिस्तान के लिए दिए जाने का कचांदुर के ग्रामीणों ने किया विरोध, तहसीलदार-पटवारी की भूमिका पर उठाया सवाल, उच्च स्तरीय जांच करने की रखी मांग, कल कराएंगे आपत्ति दर्ज

भिलाई। रविवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में ग्राम कचांदुर के उप-सरपंच, पंच, किसान और ग्रामीणों ने मीडिया से रूबरू होते हुए अपनी समस्याओं से अगवत करते हुए बताया कि दुर्ग जिला के ग्राम कचांदुर के खसरा नम्बर 767 रकबा 2.440 हेक्टेयर जिस पर सड़क बना हुआ है एवं चारागाह की भूमि है। उस जमीन को कब्रिस्तान के लिए दिए जाने का षडयंत्र हुआ है इससे लगभग 20 गांवों के ग्रामीण में भारी नाराजगी एवं आक्रोश है, जो लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्राम कचांदुर में पशुओं के लिए चारागाह की कमी है उक्त भूमि पूर्व से रोड रास्ता के लिए प्रस्तावित है उसके बाद भी पद पर बैठे जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के मिलीभगत से यह सब हो रहा है जो कि एक गहरी साजिश है। जिसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पत्रकारवार्ता में उप सरपंच गोकुल साहू, पंच कीर्ति साहू, लोकेंद्र बंछोर, रविन्द्र कुमार सिंह, पूर्व सरपंच तोरण वर्मा, श्रीमती अहिल्या आदि ग्रामीण उपस्थित थे।

तहसीलदार, पटवारी की भूमिका पर उठाया सवाल:- ग्राम कचांदुर के ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले में तहसीलदार और पटवारी कि भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। तहसीलदार को ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभा के आपत्ति देने का दौरान उन्होंने मौखिक रूप से दिनांक 07.09.21 को आने को कहा। लिखित समन मांगने पर नही दिया और ना ही केस फाइल पढ़ने की अनुमति मिली। तहसीलदार ने कुछ ग्रामीणों का नाम ऑर्डर शीट में लिखा तथा सभी के हस्ताक्षर लेने के बजाय फाइल बन्द कर दिया। ग्रामीणों ने पटवारी को सूचना दी कि ग्राम में चारागाह की कमी है। इस पूरे घटनाक्रम की सूचना देने के बाद भी पटवारी ने अपने जांच प्रतिवेदन में 01/09/2021 को लिखा कि जमीन आबंटन के पश्चात चारागाह की कमी नही होगी जबकि राजस्व अभिलेख में वह चराई दर्ज है। पटवारी जांच प्रतिवेदन में भारी ग़लमेल को देखते हुए पंचायत द्वारा 09 बिंदुओं पर जवाब हेतु नोटिस भेजकर पटवारी से पेशी दिनांक 13/09/21 तक जवाब मंगा गया है। वहीं जांच को प्रभावित ना कर सके इसलिए निलंबित कर उच्चस्तरीय जांच कमेटी बैठने की मांग की है।

नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की भूमिका पर भी उठाया सवाल:- पत्रकारवार्ता में ग्रामीणों ने बताया कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने अनापत्ति अभिमत देते समय बिना रिकार्ड देखे जमीन का भू उपयोग कृषि लिखा है जबकि राजस्व अभिलेख में स्पष्ट उल्लेख चराई है तथा विभाग के ही मास्टर प्लान में वह जमीन शैक्षणिक प्रयोजन हेतु दर्ज है। जिससे भ्रम की स्तिथि निर्मित हो रही है। वही चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल बनाते समय उस जमीन पर 100 फीट चौड़ा रोड प्रस्तावित है। जिससे ग्रामीण अस्पताल पहुंच सके एवं कोविड केयर सेन्टर बनाने के पर उसी रास्ते से अन्य ग्राम से एम्बुलेंस द्वारा मरीज को शीघ्र अस्पताल ले जा पा रही थी। जिसे स्वयं हॉस्पिटल हेतु नक्शा पास करते समय नगर तथा ग्राम निवेश ने स्वीकृत किया था। जिसे देखते हुए हॉस्पिटल प्रबंधन ने भी विभाग के साथ ही साथ कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार को अपना आपत्ति प्रस्तुत किया है।

समाजसेवी अनवर चौधरी की भूमिका संदिग्ध:-ग्रामीणों ने बताया कि दुर्ग कलेक्टर को 02/06/21 को अनवर चौधरी ने ग्राम कचांदुर प. ह. नं.17, रा.नि.मं. दुर्ग में ख.नं.767 रकबा 2.440 हेक्टेयर शासकीय भूमि उपलब्ध है इसकी सटीक मांग रखी, जिसे जिलाधीश सहर्ष स्वीकार करते है और जिला प्रशासन तत्काल, शीघ्र इत्यादि शब्दो का प्रयोग अपने पत्रों में करते हुए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कर देता है। जिसे ग्रामीण से छिपाया भी जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि समाजसेवी अनवर चौधरी को इतना सटीक हमारे ग्राम के बारे में इतना कुछ जानकारी कैसे? जरूर इसमे राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत है तभी इतना सटीक जानकारी मिली है। इनकी भी जांच कर उचित कार्यवाही करने की मांग की है।

मामला शासन और विधायक देवेंद्र यादव के बीच कैसे?:- ग्रामीणों ने बताया कि जिला प्रशासन बड़ी ने बड़ी चालाकी से इस पूरे प्रकरण को भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव विरुद्ध शासन बनाकर राजनैतिक संरक्षण प्राप्त करने की कोशिश करते दिख रहा है जबकि लिंक कोर्ट के नकल में कही भी विधायक देवेंद्र यादव न तो उपस्थित है और ना ही उक्त जमीन के मांग पत्र में उल्लेख है। वह अपने विधानसभा (भिलाई नगर) क्षेत्र की जमीन की मांग कर सकते है परन्तु दूसरे विधानसभा (अहिवारा) की जमीन की मांग नही कर सकते।

जिस विधानसभा में दी गई जमीन वहां के विधायक को पता ही नही:- ग्रामीणों ने बताया कि जब हमने इस मामले को स्थानीय विधायक व केबिनेट मंत्री गुरु रूद्रकुमार को बताया को वह भी आश्चर्य चकित कर गए कि यह कैसे हो गया, मुझे इसकी जानकारी नही है और ना ही किसी अधिकारी ने मुझे अवगत कराया है। जानकारी मिलने के बाद केबिनेट मंत्री ने पूरी फाइल मंगाई है और कार्यवाही करने की बात कही है।

कल दिनांक 13 सितंबर को भिलाई निगम (लिंक कोर्ट) में दर्ज कराएंगे आपत्ति:- ग्रामीणों ने बताया कि कल दिनांक 13 सितंबर 2021 को करीब 250 किसान भिलाई निगम परिसर स्थित लिंक कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराने दोपहर 12 बजे उपस्थित होंगे।

यहां देखे वीडियो👇

https://youtu.be/_HZsMDVpXp0

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