मौसम विभाग के मुताबिक हवा की गति करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे रिकॉर्ड की गई। भुवनेश्वर में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने बताया कि जब चक्रवात दाना का केंद्र जमीन पर पहुंचेगा, तो हवा की गति 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है…
भुवनेश्वर (ए)। चक्रवात दाना का असर दिखना शुरू हो गया है। ओडिशा और बंगाल से आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि तेज हवाओं के साथ समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों ने बैठक कर एहतियाती उपायों की समीक्षा की। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात के लैंडफॉल की प्रक्रिया आज भी जारी रहेगी। तीन राज्यों में इसका असर दिख रहा है। ओडिशा और बंगाल में 12.5 लाख से अधिक लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए हैं।
दक्षिण पूर्व रेलवे ने 150, पूर्वी तटीय रेलवे ने 198, पूर्वी रेलवे ने 190 और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 14 ट्रेनें रद्द की हैं। नौसेना ने बताया कि बचाव अभियान के लिए आंध्र प्रदेश, ओडिशा व प. बंगाल में प्रभारी अफसरों के साथ समन्वय करते हुए व्यापक आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय किया है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) व अग्निशमन की 288 टीमें चक्रवात से होने वाले नुकसान से बचाव में जुटी हैं। बचाव अभियान में नौसेना के दो जहाजों को भी लगाया गया है।
ओडिशा तट पर बृहस्पतिवार देर रात को पहुंचे चक्रवात की जद में कुल सात राज्य हैं। इनमें से तीन राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बंगाल के शमशेरगंज और फरक्का में आंधी-तूफान की चपेट में आकर तीन नावें पलट गईं और 16 मछुआरे लापता हो गए। भुवनेश्वर व कोलकाता हवाईअड्डों से करीब 300 उड़ानें रद्द कर दी गईं। रेलवे ने कुल 552 ट्रेनें रद्द की हैं।
एहतियात बरतने के उपाय करते हुए ओडिशा और बंगाल में हवाईअड्डे बंद रखने का फैसला लिया गया है। कोलकाता और भुवनेश्वर हवाईअड्डे बृहस्पतिवार शाम से 15 घंटे यानी आज भी बंद रहेंगे।
चक्रवात के मद्देनजर अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर न जाने की सलाह दी है। 12वीं सदी के पुरी मंदिर पर आपदा का असर न्यूनतम करने की कोशिशें की जा रही हैं। परिसर से अस्थायी टेंट हटा दिए हैं। एस्बेस्टस की छतों पर रेत की बोरियां रखी गई हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने कोणार्क में 13वीं सदी के सूर्य मंदिर को दो दिन के लिए बंद कर दिया है। पर्यटकों को समुद्र तटों पर जाने से रोक दिया गया है।
ओडिशा में तेज बारिश और हवाओं के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में ओडिशा के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बाढ़ आने का खतरा है। जिन जिलों में अचानक बाढ़ आने की आशंका है, उनमें अंगुल, बालासोर, बौध, भद्रक, कटक, ढेंकनाल, गजपति, गंजम, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कंधमाल, क्योंझर, खुर्दा, मयूरभंज, नयागढ़ और पुरी शामिल हैं।
ओडिशा के मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने खुद चक्रवात से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की है। सभी जिलों का आकलन करने के बाद लगभग 6 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। चक्रवात से बचाव के लिए एहतियाती तौर पर बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है, 25 अक्तूबर तक दूरसंचार भी बंद रहेगा। स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने कई वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को तैनात किया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हावड़ा में राज्य सरकार के नियंत्रण कक्ष में देर रात तक मौजूद रहीं। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक रात ढाई बजे के बाद भी ममता अधिकारियों के बीच रहीं और हालात की समीक्षा की। राज्य सरकार चक्रवात दाना की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
चक्रवात दाना के असर को लेकर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, “उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना भीषण चक्रवाती तूफान पिछले 6 घंटों के दौरान 15 किमी/घंटा की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा है… इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 3-4 घंटों के दौरान पुरी और बंगाल में सागर द्वीप के बीच उत्तर ओडिशा तट और पश्चिम बंगाल तट को पार करने की संभावना है। तूफान के तट से टकराने की प्रक्रिया 25 अक्तूबर की सुबह तक जारी रहेगी।
















