मंगलवार को सुबह चंद्र ग्रहण का सूतक लग जाने पर मंगलवार को सुबह देव दर्शन के पश्चात मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे। दिनभर श्रद्धालु मंदिरों में अपने आराध्य के दर्शन नहीं कर सकेंगे। कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि पर मंगलवार को चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। मंगलवार को चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक लग जाएंगे। सूतक काल प्रातः 8.27 बजे शुरू हो जाएगा। ग्रहण का सूतक प्रारंभ होने से पूर्व मंदिरों में देव दर्शन एवं पूजा-अर्चना होगी। सुबह आरती के बाद करीब 8.15 बजे तक मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे। शाम को चंद्र ग्रहण पूर्ण हो जाने पर सूतक काल समाप्त हो जाएगा। तत्पश्चात देर शाम मंदिरों की साफ-सफाई कराई जाएगी। देव प्रतिमाओं को स्नान कराया जाएगा। इसके बाद ही मंदिरों के पट देव दर्शन के लिए खुल सकेंगे।
मंगलवार को चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक शुरू हो जाएंगे। चंद्रग्रहण शाम को 5.27 बजे प्रारंभ होगा। जो कि शाम 6.20 बजे समाप्त होगा। इस तरह चंद्र ग्रहण की अवधि 1 घंटा 7 मिनट रहेगी। मंगलवार को सुबह सूतक लगने पर महिलाएं सूतक काल से पूर्व अपने जरूरी कामों को निपटाकर रखेंगी। खाने की चीजों पर तुलसी दल और डाव रखा जाएगा। माना जाता है कि ग्रहण के सूतक काल में खाने की चीजों और खाद्य पदार्थों पर तुलसी दल डाले जाने से यह अशुद्ध नहीं होते हैं। लेकिन फिर भी ज्यादातर लोग ग्रहण के सूतक काल के दौरान खाना खाने से परहेज रखते हैं।
ग्रहण के समय किया जाने वाला कार्य :-
खग्रास चन्द्र ग्रहण के सूतक काल में दान तथा जापादि का महत्व माना गया है। पवित्र नदियों अथवा सरोवरों में स्नान किया जाता है । मंत्रो का जाप किया जाता है तथा इस समय में मंत्र सिद्धि भी की जाती है।
तीर्थ स्नान, हवन तथा ध्यानादि शुभ काम इस समय में किए जाने पर शुभ तथा कल्याणकारी सिद्ध होते हैं।
धर्म-कर्म से जुड़े लोगों को अपनी राशि अनुसार अथवा किसी योग्य ब्राह्मण के परामर्श से दान की जाने वाली वस्तुओं को इकठ्ठा कर संकल्प के साथ उन वस्तुओं को योग्य व्यक्ति को दे देना चाहिए।
सूतक में वर्जित कार्य:-
सूतक के समय और ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति को स्पर्श करना निषिद्ध माना गया है।
खाना-पीना, सोना, नाखून काटना, भोजन बनाना, तेल लगाना आदि कार्य भी इस समय वर्जित हैं।
इस समय झूठ बोलना, छल-कपट, बेकार का वार्तालाप और मूत्र विसर्जन से परहेज करना चाहिए । ★सूतक काल में बच्चे, बूढ़े, अस्वस्थ स्त्री आदि को उचित भोजन लेने में कोई परहेज नहीं हैं।
सूतक आरंभ होने से पहले ही अचार, मुरब्बा, दूध, दही अथवा अन्य खाद्य पदार्थों में कुशा तृण डाल देना चाहिए जिससे ये खाद्य पदार्थ ग्रहण से दूषित नहीं होगें। अगर कुशा नहीं है तो तुलसी का पत्ता भी डाल सकते हैं । घर में जो सूखे खाद्य पदार्थ हैं उनमें कुशा अथवा तुलसी पत्ता डालना आवश्यक नहीं है।
गर्भवती महिलाएं पेट पर गोबर का लेप कर लें ,चाकू , सुई ,इत्यादि से कोई कार्य न करे। सम्भव हो तो टहलें, सोये नही तो उत्तम होगा।
भारत में कहां-कहां नजर आएगा चंद्र ग्रहण- भारत में साल का आखिरी व दूसरा चंद्र ग्रहण गुवाहाटी, रांची, पटना, सिलिगुड़ी और कोलकाता समेत देश की राजधानी दिल्ली में भी दिखाई पड़ेगा। चंद्र ग्रहण भारत में दिखने के कारण इस अवधि में विशेष सावधानी बरतनी होगी।
चंद्र ग्रहण किस शहर में कितने बजे दिखेगा
रांची : शाम 5:07 बजे से शाम 6:18 बजे तक
पटना : शाम 5:05 बजे से शाम 6:18 बजे तक
कोलकाता : शाम 4:56 बजे से शाम 6:18 बजे तक
भुवनेश्वर : शाम 5:10 बजे से शाम 6:18 बजे तक
रायपुर : शाम 5:25 बजे से शाम 6:18 बजे तक
नई दिल्ली : शाम 5:32 बजे से शाम 6:18 बजे तक
ईटानगर : शाम 4:28 बजे से शाम 6:18 बजे तक
गुवाहटी : शाम 4:37 बजे से शाम 6:18 बजे तक
विशाखापट्टनम : शाम 5:24 बजे से शाम 6:18 बजे तक
गंगटोक : शाम 4:48 बजे से शाम 6:18 बजे तक
प्रयागराज : शाम 5:18 बजे से शाम 6:18 बजे तक
कानपुर : शाम 5:23 बजे से शाम 6:18 बजे तक
हरिद्वार : शाम 5:26 बजे से शाम 6:18 बजे तक
धर्मशाला : शाम 5:30 बजे से शाम 6:18 बजे तक
चंडीगढ़ : शाम 5:31 बजे से शाम 6:18 बजे तक
जम्मू : शाम 5:35 बजे से शाम 6:18 बजे तक
नागपुर : शाम 5:36 बजे से शाम 6:18 बजे तक
भोपाल : शाम 5:40 बजे से शाम 6:18 बजे तक
जयपुर : शाम 5:41 बजे से शाम 6:18 बजे तक
बेंगलुरु : शाम 5.53 बजे से शाम 6:18 बजे तक
नासिक : शाम 5:55 बजे से शाम 6:18 बजे तक
अहमदाबाद : शाम 6:00 बजे से शाम 6:18 बजे तक
चेन्नई : शाम 5:42 बजे से शाम 6:18 बजे तक
हैदराबाद : शाम 5:44 बजे से शाम 6:18 बजे तक
उज्जैन : शाम 5:47 बजे से शाम 6:18 बजे तक
जोधपुर : शाम 5:53 बजे से शाम 6:18 बजे तक
पुणे : शाम 6:01 बजे से शाम 6:18 बजे तक
सूरत : शाम 6:02 बजे से शाम 6:18 बजे तक
जामनगर : शाम 6:11 बजे से शाम 6:18 बजे तक
तिरुवनन्तपुरम : शाम 6:02 बजे से शाम 6:18 बजे तक
मुंबई : शाम 6:05 बजे से शाम 6:18 बजे तक
पणजी : शाम 6:06 बजे से शाम 6:18 बजे तक
श्रीनगर: श्रीनगर में ग्रहण का चंद्रमा लगभग 66 प्रतिशत अस्पष्टता के साथ शाम 05 बजकर 31 मिनट से क्षितिज से ऊपर उठेगा।
साभार: हिंदुस्तान
















