48वें अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उक्त बातें कही..
नईदिल्ली (ए)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश भर में पुलिसिंग प्रथाओं में सुधार का आह्वान किया और खबरी (मुखबिर) प्रणाली के पुनरुद्धार के बारे में भी बात की. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह जरूरी है कि पुलिस अपराधियों से आगे हो और उन्हें तकनीक की समझ हो. जब तक प्रौद्योगिकी का ज्ञान एक कांस्टेबल स्तर तक नहीं पहुंच जाता, तब तक हम आधुनिक अपराधियों से निपटने में सक्षम नहीं होंगे।
48वें अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उक्त बातें कही. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ड्रग्स, हवाला और साइबर धोखाधड़ी उन कुछ चुनौतियों में से हैं, जिनका सामना हर राज्य की पुलिस करती है. मैं पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (BPRND) से इस सत्र में देश भर में देखे गए अपराधों से लड़ने के लिए एक व्यापक नीति पर चर्चा करने का अनुरोध करता हूं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि खबरी व्यवस्था को पुनर्जीवित करने की जरूरत है और मैं इसे बहुत सोच-समझकर पुनर्जीवित शब्द का उपयोग कर रहा हूं. एक खबरी यानि मुखबिर संवेदनशील जगहों पर पुलिस अधिकारियों की आंख-कान का काम करती है. वे आधिकारिक तौर पर किसी सरकारी संगठन का हिस्सा नहीं हैं. वे उन समाजों और समुदायों के सामान्य सदस्य हैं, जिनमें वे रहते हैं और पुलिस अधिकारियों को अपराधों से लड़ने, मामलों को सुलझाने एवं पूर्व रणनीति बनाने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं।
अमित शाह का बयान संसद द्वारा Criminal Procedure (Identification) Bill, 2022 पारित करने के कुछ दिनों बाद आया है, जो पुलिसिंग में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर देता है. यह बिल उन व्यक्तियों के शरीर के उचित माप (उंगली के निशान, हथेली के निशान और पैरों के निशान, फोटोग्राफ, आईरिस और रेटिना स्कैन, भौतिक और जैविक नमूने) लेने के लिए कानूनी मंजूरी प्रदान करता है, जिन्हें इस तरह के माप देने की आवश्यकता होती है. जिससे अपराध की जांच अधिक कुशल और शीघ्र पूरा किया जा सकें।
यह माप के रिकॉर्ड को एकत्र करने, संग्रहीत करने और संरक्षित करने और रिकॉर्ड के साझाकरण, प्रसार, विनाश और निपटान के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो को सशक्त बनाने का भी प्रयास करता है. यह एक मजिस्ट्रेट को किसी भी व्यक्ति को माप देने का निर्देश देने का अधिकार देता है और पुलिस या जेल अधिकारियों को किसी भी व्यक्ति का माप लेने का अधिकार देता है जो माप देने का विरोध करता है या मना करता है।















