दुर्ग। आज गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा दुर्ग एवं समूह संगत की तरफ़ से दुर्गवासियो के लिए शहीद चौक पर ठंडी शब्बील लगाई गई। गुरु अरजन देव जी के शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में जो अगले महीने 3 तारीख को आ रहा है। उस उपलक्ष्य में गुरुद्वारा साहिब ने ठंडी शब्बील लगाई। गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सेवादार अरविन्दर सिंह खुराना ने बताया की श्री गुरु अर्जन देव जी को जहांगीर ने इस्लाम काबुल करने को कहा था तो श्री गुरु अरजन देव जी के मना करने पर जहांगीर ने गुरु अरजन देव जी को उबले हुए गरम पानी में डाल दिया, उनके ऊपर गरम रेत डाली गयी उन्हें तपते हुए तवे पर बिठाया गया।
उसके बाद कई दिन तक उन्हें प्रतारित किया गया, फिर उन्हे रावी नदी में नहाने भेजा गया, जिसके बाद उस नदी से बाहर आते उन्हें किसी ने नहीं देखा और वह शहीद हो गए। सिखी को बचाने के लिए पर इस्लाम नहीं क़बूल किया।
उस प्रतारना को देखते हुए कहा जाता है की गर्मी बहुत होने के कारण सिख समाज इस महीने में सभी को ठंडी शबील पिलाते है ताकि गर्मी से सब तो राहत मिल सके। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा एवं समूह संगत दुर्ग के सहयोग से ये शबील एवं चने के प्रसाद का वितरण हर साल होता है। पिछले दो साल से कोविड के कारण ये वितरण नहीं हो पा रहा था, पर इस बार गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा दुर्ग ने ये उपराला किया हर साल की तरह और आगे दो और इतवार शबील लगाई जाएगी।
दूसरी बस स्टैंड दुर्ग, तीसरी शबील इंद्रा मार्केट दुर्ग में लगेगी। इस शबील का मक़सद गर्मी में संगत को गर्मी में ठंडा पानी पिलाने का है, जिससे सभी गर्मी में ठंडा महसूस करें। इस अवसर पर प्रधान सेवादार अरविन्दर सिंह खुराना, दलपरीत सिंह भाटिया, जतिंदर सिंह(लब्बे), सुखदेव सिंह(राजू), रजिंदर पाल सिंह अरोरा, इंद्रपाल सिंह भाटिया, सतबीर सिंह भाटिया, अवतार सिंह रंधावा, कुलबीर सिंह सलुजा, सिंघारा सिंह सोडी, भूपिंदर सिंह( कूक्कु), बलविंदर सिंह, हरमीत सिंह भाटिया, सूरिंदर सिंह कबरवाल, बचन सिंह नागपाल, भामरा जी, सूरिंदर पाल सिंह दुलाई, अमृत भामरा, जसप्रीत सिंह भाटिया सिख समाज से और भी लोगों ने सेवा में अपना हिस्सा और सहयोग दिया।















