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दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

गाड़ी मालिको ने दुर्ग कलेक्टर को ज्ञापन सौप कर एक सप्ताह के भीतर रेट तय करने की मांग की

दुर्ग। बेतहाशा बढ़ते डीजल के दाम के चलते हर गाड़ी मालिक परेशान है, एक तरफ मंदी का मार जहां गाड़ियों के लोड करने के लिए माल की कमी है वहीं दूसरी तरफ डीजल का रेट दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है। हमारा व्यवसाय आवक और जावक के ऊपर निर्भर है, मार्केट में अगर माल ज्यादा है गाड़ी कम है तो भाड़े कुछ बढ़ जाते थे लेकिन अब गाड़ी ज्यादा होने की वजह से माल नहीं मिल रहा है, माल मिलता भी है तो रोड के खर्चे ज्यादा है जो गाड़ियां बाहर प्रदेश से आ रही है वे वापसी में माल भरकर किसी भी रेट में चली जाती है। छत्तीसगढ़ की गाड़ियां जो बाहर जाती है तो उन्हें वापसी माल नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते यह व्यवसाय आम आदमी के हाथों से निकलते नजर आ रहा है। आज बेरोजगारी का आलम चरम सीमा पर है लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। केंद्र सरकार ने भी प्रत्येक राज्यों को किलोमीटर के हिसाब से रेट तय करने हेतु निर्देश दिया है लेकिन उस निर्देश को कही पर भी पालन नहीं हो रहा है जिस तरह ऑटो रिक्शा, बस यात्री भाड़ा यहा तक कि एक बन्द लिफाफे का भी भाड़ा सरकार तय कर रखी है। उसी तरह माल वाहक गाड़ियों का भी भाड़ा 01 हफ्ते के अंदर टन पर किलोमीटर के हिसाब से चाहे मेटाडोर हो, ट्रक हो, ट्रेलर हो या टैंकर हो तय करें ताकि व्यवसाय को बचाया जा सके। सरकार को ध्यान रखना चाहिए कि अगर गाड़ी खड़ी होती है तो लाखों लोगों की रोजी रोटी पर खतरा हो जाएगा, भिलाई में काम रहने के बावजूद व्यवस्था सही नहीं होने के चलते स्थानीय गाड़ी मालिक दूसरे प्रदेशों में काम की तलाश में गाड़ियों का पासिंग कराकर पलायन हो रहे हैं अगर सरकार एक हप्ते के अंदर रेट तय कर व्यवस्था सुधारने की कोशिश नही किया तो हम सभी लोग गाड़ियों की चाबी दुर्ग कलेक्टर को सौप देंगे, जिसकी जबाबदारी सरकार की होगी। ज्ञापन एसोसिएशन के संयोजक प्रभुनाथ बैठा, हरेंद्र यादव, सीता सिंह, विनोद सिंह, गुरप्रीत सिंह ढींगरा, अरुण कुमार बैठा ,योगेश रावत, पुरुषोत्तम सिंह रोमी, सुनील सिंह ,पंकज सेठी, बलजिंदर सिंह, लाडी के द्वारा दुर्ग कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया।

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