खुर्सीपार जोन आयुक्त को हटाने सहित 10 मांगो को लेकर दया सिंह के नेतृत्व में बोलबम सेवा एवं कल्याण समिति ने भिलाई निगम मुख्यालय में जमकर किया प्रदर्शन
भिलाई। बुधवार को खुर्सीपार क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं और केनाल रोड निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार, खुर्सीपार जोन आयुक्त को हटाने संबन्धी कुल दस मांगो को लेकर बोलबम सेवा एवं कल्याण समिति ने भिलाई निगम मुख्यालय में करीब एक घंटे तक जमकर प्रदर्शन करते हुए निगम प्रशासन हाय-हाय और मुर्दाबाद के नारे लगाये।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व समिति के अध्यक्ष दया सिंह द्वारा किया गया। प्रदर्शन करने वाले में समिति के पदाधिकारी और खुर्सीपार की आम जनता थी।प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस भी तैयारियों में दिखी और समय पर निगम का मुख्य द्वार बन्द कर पुलिस बल तैनात की हुई थी।
प्रदर्शनकारियो ने निगम के गेट खोलकर अंदर जाने की कोशिश की जिसके कारण पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी भी हुई लेकिन गेट नही खुला। समिति के अध्यक्ष ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए सभी बिंदुओ पर जांचकर जल्द कार्यवाही की मांग रखी,जल्द कार्यवाही नही होने पर और उग्र प्रदर्शन करने की बात कही।

प्रदर्शन में खुर्सीपार सहित आस-पास की आम जनता जिसमे महिलाएं, बुजुर्ग एवं बच्चे भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियो की भीड़ के कारण नगर निगम का मुख्य द्वार करीब एक घंटे तक बन्द रहा जिसके कारण निगम जाने वाले लोगो को इंतजार करना पड़ा। यहां देखे पूरा वीडियो

इन दस बिंदुओ पर सौपा ज्ञापन:-
1. केनाल रोड निर्माण में भ्रष्टाचार। सड़कें अभी से उखड़ गई है।
चलने लायक नहीं है। स्ट्रीट लाइट भी बंद है।
2.खुर्सीपार में सीवरेज लाइन बहुत बड़ा इश्यू है। सीवरेज का
पानी लोगों के घरों तक आ रहा है। लोग परेशान है। इसका प्रस्ताव
बनकर तैयार है लेकिन निगम को फुर्सत ही नहीं उसका समाधान
कराने के लिए।
3. खुर्सीपार में पेयजल व्यवस्था ठप है। जिन इलाकों में अमृत
मिशन के तहत पाइप लाइन का विस्तारीकरण किया गया है। वहां
फोर्स कम आ रहा है।
4. बिजली कटौती की समस्या का समाधान मौजूदा सरकार नहीं
कर पा रही है। रोजाना बिजली बंद से लोग हलाकान हैं।
5. तेल्हानाला का चैनलाइजेशन काम में देरी हो रही है। जो किया
गया है, उसमें भ्रष्टाचार हुआ है।

6. खुर्सीपार में हाइवे के दोनों ड्रेनेज सिस्टम गड़बड़ है। बारिश में
कमर तक पानी भर जाता है। लोग हर बारिश में पानी घर से फेंकते
हैं।
7.सफाई का हाल-बेहाल है। खुर्सीपार में जगह-जगह कचरों का
अंबार है। निगम का अमला यहां आता ही नहीं है।
8. हर साल डेंगू और मलेरिया के मरीज खुर्सीपार इलाके से मिलते
हैं, डेंगू से काफी मौतें हुई थी 2018 में, अब तक सबक नहीं लिया।
डेंगू विरोधी अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
9.खुर्सीपार इलाके में पेवर ब्लॉक लगाने में गड़बड़ी हुई है, जो
लगाए गए थे वो अब उखड़ गए हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
10.खुर्सीपार की अंदरूनी सड़को में गड्ढे है, नाली तक नही बनी है, इसलिए पानी सड़कों पर आ रहा है। सड़क निर्माण कराया जाये।















