प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सेना ने बीते वर्षों में कई साहसिक निर्णय लिए हैं। इसका एक उदाहरण अग्निपथ योजना भी है। अग्निपथ का लक्ष्य सेना को युवा बनाना, निरंतर योग्य बनाना है…
कारगिल (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25वें कारगिल विजय दिसव के अवसर पर द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर कारगिल युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में विजय हासिल की थी। इस दिन को हर वर्ष कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “सच्चाई ये है कि अग्निपथ योजना से देश की ताकत बढ़ेगी और देश का सामर्थ्यवान युवा भी मातृभूमि की सेवा के लिए आगे आएगा… मैं हैरान हूं कि कुछ लोगों की समझ को क्या हुआ है, उनकी सोच को क्या हो चुका है। ऐसा भ्रम फैला रहे हैं कि सरकार पेंशन के पैसे बचाने के लिए ये योजना लेकर आई है।
मुझे ऐसे लोगों की सोच से शर्म आती है लेकिन मैं ऐसे लोगों से पूछना चाहता हूं कि आज मोदी सरकार के शासनकाल में जो भर्ती होगा क्या उसे आज ही पेंशन देनी होगी? उसे पेंशन देने की नौबत 30 साल में आएगी और तब तो मोदी 105 साल का हो चुका होगा। क्या तर्क दे रहे हैं? मेरे लिए ‘दल’ नहीं ‘देश’ सर्वोपरि है। हम राजनीति के लिए नहीं राष्ट्रनीति के लिए काम करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सेना ने बीते वर्षों में कई साहसिक निर्णय लिए हैं। इसका एक उदाहरण अग्निपथ योजना भी है। अग्निपथ का लक्ष्य सेना को युवा बनाना, निरंतर योग्य बनाना है। सेना को लोगों ने राजनीति का अखाड़ा बनाया। सेनाओं को घोटालों से कमजोर किया।
















