दुर्ग। दुर्ग शहर कांग्रेस मीडिया प्रभारी प्रीति साहू ने आज विश्व आदिवासी दिवस पर बयान जारी कर आदिवासियों के हितों के लिए कार्य कर रही राज्य की भूपेश सरकार की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए संकल्पित है। राज्य के आदिवासी समुदाय के हितों का संरक्षण और उन्हें उनका हक दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस पर शासकीय अवकाश घोषित कर एक बड़ा निर्णय लिया है।
श्रीमती साहू ने कहा कि राज्य की भूपेश सरकार के प्रयासों से बीते साढ़े तीन सालों में आदिवासियों के जीवन स्तर में बदलाव आया है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सुलभ हुए हैं। आदिवासी समाज की आर्थिक स्थिति और क्रय शक्ति बढ़ी है। आदिवासियों पर दर्ज मामलों के निराकरण के लिए गठित पटनायक समिति की अनुशंसा के अनुरूप सभी मामले निराकृत किए जा चुके हैं।
श्रीमती साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार वन भूमि के निरस्त दावों का परीक्षण कर अब तक 50 हजार से अधिक वनवासियों को पट्टा दे चुकी है। सुकमा जिले में वर्षों से बंद स्कूलों को फिर से शुरू किया। अबूझमाड़ एरिया के 14 गांवों में एक हजार से अधिक लोगों को राजस्व भूमि का पट्टा सरकार ने दिया है और उनसे समर्थन मूल्य पर धान की भी खरीदी की है। मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र बनने संबंधी समस्याओं के निदान के साथ ही फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामलों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए है।
श्रीमती साहू ने आदिवासी अंचल में शिक्षा और स्वास्थ्य बहुत बड़ी चुनौती रही है लेकिन पिछले साढ़े तीन सालों में सरकार ने वनांचल के इलाकों में स्वास्थ्य और शिक्षा को बेहतर बनाने का प्रयास किया है। चिकित्सकों और शिक्षकों की कमी को पूरा किया गया है।
श्रीमती साहू ने कहा कि सरकार ने यह स्पष्ट रूप से निर्णय लिया है कि उद्योगों के लिए आदिवासियों की जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी। वनांचल में वनोपज आधारित छोटे-छोटे उद्योगों के लिए आवश्यक 50 से 100 एकड़ शासकीय भूमि आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा कि वनोपज से लेकर लघु धान्य फसलों की खरीदी और वेल्यू एडिशन का काम शुरू किया गया है, इससे वनांचल में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और आदिवासी किसानों और संग्राहकों को अधिक आय होने लगी है।















