दुर्ग। डेली वेज के संभागीय अध्यक्ष नरेश राजपूत के द्वारा भ्रांतियां फैली जा रही है की कांग्रेस को वोट नहीं देने पर पीडब्ल्यूडी के (कार्यपालन अभियंता) ईई ने डेली वेज के कर्मचारियों को काम से निकाल दिया है, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ईई ना किसी को काम पर रखता है ना ही निकालता है। काम पर रखने का काम आवश्कता के अनुसार सब इंजीनियर लोग रखते है, सेंशन करने का काम एसडी है, ईई केवल मिडियेटर है। उक्त बातें सोमवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दुर्ग पीडब्ल्यूडी के ईई अशोक श्रीवास ने कही।
उन्होंने कहा की नीचे से जो काम का डिमांड आता है उसे ऊपर सर्कल में भेज देते है और जो सेंशन आती है उसको नीचे दे देता है, उसी संख्या के आधार पर पैसा मांगता है। बस इतना ही काम है। मुझे जानकारी मिली की अध्यक्ष ने ये कहा ईई ने कांग्रेस को वोट नहीं देने पर काम से निकाला है, क्या आप लोग को लगता है की क्लास वन रैंक पर बैठा हुआ अधिकारी ऐसा करेगा? मैं स्वयं भी राज्य के रजिस्टर्ड यूनियन का स्टेट प्रेसिडेंट हूं। इतनी गरिमा तो मैं भी समझता हूं।
ईई ने कहा की जो भी संघ का अध्यक्ष है उसे ये सलाह दूंगा की मर्यादा में रहे, इस तरह बोल कर किसी की भी छवि को व्यक्तिगत हानि पहुंचाना ठीक नही है। लेबर जो लगाए जाते है वर्क के आवश्कता के अनुसार लगाए जाते है, कोई परमानेंट पोस्ट तो होती नही है। आज वर्क है हमने बुलाया, कल खत्म हुआ तो हटाना पड़ेगा नही तो पेमेंट कहा से देंगे? यहां का काम 99% को चुका है। मैं अपना पक्ष इसलिए रख रहा हू की उसने मेरे ऊपर आरोप लगाया है और इसमें मेरा कोई भी रोल नही हैं।
ईई ने कहा की ये कंफ्यूजन माननीय मंत्री जी के यहां काम पर लगे लेबर को लेकर हुई है, मंत्री जी जैसे ही चुनाव हारे और मंत्री पद से हट गए तो उनके बंगले में काम पर लगे लेबर को उन्होंने वापस कर दिया, वो लेबर आए थे मेरे पास, अब वर्क की खत्म हो गया तो काम पर कैसे रखेगे और जब वर्क की नही होगा तो भुगतान कैसे करेंगे। यूनियन का नेता नरेश राजपूत ही उनको लेकर मेरे पास आया था, मैंने उससे कहा की मैने ना काम पर लगा था और ना ही निकाला हूं। सब इंजीनियर से बात करो की काम है की नही।
ईई ने कहा की एक क्लास रैंक का अधिकारी इतना गैर जिम्मेदार नहीं हो सकता, अधिकारी कर्मचारी शासन का होता है, किसी पार्टी का नही होता, शासन किसी भी पार्टी का हो अधिकारी कर्मचारी उसी शासन के प्रति उत्तरदायी होता है। यूनियन नेता नरेश राजपूत को आगाह करना चाहूंगा की भविष्य में ऐसा लूज टॉक ना करे।















