भिलाई। मंगलवार को पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में जमकर बवाल हुआ। पूर्व भूपेश बघेल का काफिला रोकने का मामला शांत होने का नाम नही ले रहा है। मंगलवार को कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने और गाली गलौज करने के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे तथा सिरसा गेट के पास सर्विस रोड पर लगाए गए बेरीकेट्स को पार कर थाने के तरफ बड़ी संख्या में बढ़ने लगे जिसे रोकने के लिए पुलिस ने कांग्रेसियों पर लाठीचार्ज किया।
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई जिसमें जामुल थाना प्रभारी कपिल देव पांडेय के नाक में चोट आई है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बाद एक चार सोशल मीडिया एक्स पर घटना की वीडियो के साथ चार पोस्ट किए है। उसमे मीडिया और घायल थाना प्रभारी का भी जिक्र किया है साथ ही एसपी दुर्ग का भी जिक्र किया है। इसके पहले भी पूर्व सीएम ने दुर्ग एसपी को गुंडा कहा था। आज उन्होंने एक्स पर लिखा है की….
भिलाई – 3 में शांतिपूर्ण धरने के बाद शांतिपूर्वक मार्च करके ज्ञापन देने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस वालों दौड़ा दौड़ाकर पीटा।
तो क्या अब भाजपा सरकार को शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन भी बर्दाश्त नहीं है? यह तो जनता का लोकतांत्रिक अधिकार है।
भाजपा सरकार और ख़ासकर उनके आदेश का पालन कर रहे नौकरशाह कान खोलकर सुन लें।
सत्ता की गोद में बैठ कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करवाना याद रहेगा। और भूलना मत, लाठी का एक-एक वार कांग्रेसियों का हौसला बढ़ाता है।
हम गांधीवादी हैं। लोकतंत्र पर हमारी अटूट आस्था है।
एक सवाल अभी बचा हुआ है, बजरंग दल के गुंडा तत्वों पर कार्रवाई कब होगी?
एसपी दुर्ग और उनके आका ठीक तरह से समझ लें।
सत्ता उलटती-पलटती रहती है, काम ऐसे ही कीजिएगा कि भविष्य में आंख मिला सकें।
मार्च निकाल रहे मेरे साथी कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे थे। वे सिर्फ़ नारे लगा रहे थे।
देखिए पुलिस वालों ने कैसे बिना किसी उकसावे के उन पर लाठी बरसानी शुरु कर दी।
सरकारी नुमाइंदे मीडिया के ज़रिए अफ़वाह फैला रहे हैं कि प्रदर्शन के दौरान उन पर हमला पहले हुआ था। और मीडिया इस दुष्प्रचार का हिस्सा बनी हुई है।
शांतिपूर्ण विरोध में सरकारी आदेश पर निर्मम लाठीचार्ज में पुलिस की लाठी से थाना प्रभारी का घायल होना भी दुखद है.
वे जल्द स्वस्थ हों.
आपको बता दे की मंगलवार को भिलाई-3 के सिरसा गेट के पास भारी संख्या में कांग्रेसी प्रदर्शन करने पहुंचे थे तथा यहां से सभी भिलाई-3 थाना घेरने जाने वाले थे। इससे पहले जलाराम स्वीट्स के पास से पुलिस ने सबको खदेड़ दिया।
ज्ञात हो कि पूर्व मुख्यमंत्री के मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर कांग्रेसी युवक जबरदस्ती उठाकर ले गए। इसके साथ ही उनके साथ मारपीट कर उन्हें भिलाई-3 पुलिस के हवाले कर दिया।
इस घटना की जानकारी मिलने पर भाजपाई और हिन्दू संगठन के लोगों ने सोमवार की देर रात तक थाने का घेराव किया। इसके बाद युवक की शिकायत पर भिलाई-चरोदा निगम सभापति कृष्णा चंद्राकर समेत अन्य के खिलाफ अपहरण और मारपीट की धाराओं में अपराध दर्ज कराया गया है।




















