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कवर्धा में जमकर गरजे सीएम योगी आदित्यनाथ, कहा- कवर्धा हमारे लिए काशी जैसी पवित्र है, शरारतन यहां अकबर जैसे व्यक्ति को बैठा दिया…

शनिवार को छत्तीसगढ़ के सीएम योगी आदित्यनाथ छत्तीसगढ़ के कबीरधाम स्थिति कवर्धा विधानसभा पहुंचे. यहां अपने आक्रामक अंदाज में उन्होंने भूपेश सरकार पर जमकर सियासी वार किए…

कबीरधाम। पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की खास डिमांड हैं. स्टार प्रचारक बनाए गए योगी आदित्यनाथ अलग-अलग शहरों में ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं कर रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में सीएम योगी ने चुनावी सभा को संबोधित किया।

उन्होंने कवर्धा विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी विजय शर्मा व साजा से ईश्वर साहू के पक्ष में मतदान की अपील की. सीएम योगी ने कहा ”सरकार रामनवमी पर जुलूस को प्रतिबंधित कर रही है. लवजेहाद का विरोध करने वाले कार्यकर्ता की निर्मम हत्या कर दी जाती है. यूपी में डबल इंजन की सरकार ने लव जिहाद व धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाया गया है. ऐसा करने वाले खामियाजा भुगतेंगे।

सीएम ने कहा कि ”गृह मंत्री ने लोककल्याण संकल्प पत्र जारी किया तो एक बात कही कि डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ में 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ देगी. भाजपा पीएम मोदी के नेतृत्व में सुशासन को लागू करने वाली पार्टी है. कांग्रेस घोटालों की सरकार है. कांग्रेस यहां की प्राकृतिक संपदा को नष्ट करने पर आमादा है. यहां का गरीब यूपी व मध्यप्रदेश जाता होगा तो उसे विकास दिखाई देता होगा, लेकिन यहां नहीं. अब यहां की जनता कह रही है अब नई सहिबो, बदल के रहिबो।”

भूपेश बघेल पर साधा निशाना सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा ”कवर्धा हमारे लिए काशी जैसी पवित्र है. शरारतन यहां अकबर जैसे व्यक्ति को बैठा दिया, जिसे आपकी आस्था-विकास से मतलब नहीं. उसके संरक्षण में वे तत्व फलते-फूलते हैं, जो आस्था के प्रतीक भगवा झंडे को रौंदने का कार्य करते हैं. यहां भाजपा सरकार होती तो ऐसा दुस्साहस नहीं होता. ईश्वर साहू जैसे लाचार पिता हिम्मत नहीं हारे, अराजकता के खिलाफ लड़ते रहे. भाजपा ने सच्चे कार्यकर्ता के मान को बढ़ाते हुए उन्हें प्रत्याशी बनाया है।

साजा से ईश्वर साहू जैसा कार्यकर्ता जाएगा तो मां-बहन-बेटी, किसान, नौजवान को बलिदान नहीं देना पड़ेगा. किसी विधर्मी व दुराचारी की हिम्मत नहीं कि वह कार्यकर्ता पर हाथ उठा दे. भाजपा सरकार में यह नहीं हो सकता. यह सिर्फ चुनाव की नहीं, अस्तित्व की लड़ाई है।”

 

 

 

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