रायपुर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 के कार्यक्रम की घोषणा किये जाने के साथ ही निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, इस दृष्टिकोंण से यह सुनिश्चित किया जावे कि जिले में किसी संपत्ति का विरूपण न हो। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 के प्रावधानों को कठोरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करें।
इसके अनुसार छत्तीसगढ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा 03 में निहित प्रावधानानुसार कोई भी व्यक्ति जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खडिया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिख कर या चिन्हित कर के उसे विरूपित करेगा, वह जुर्माने से जो एक हजार रूपये तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा। इस अधिनियम के अधीन दण्डानीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा। इस संबंध में टीम गठित की जाएगी, जिसमें नगरीय निकाय, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के कर्मचारी-अधिकारी शामिल रहेंगे।
यह टीम सघन भ्रमण कर विरूपित संपत्ति को, संपत्ति विरूपण करने वाले के व्यय पर पूर्ण स्वरूप में लाएगी तथा टीम द्वारा संपत्ति विरूपण करने वाले तत्वों के विरूद्ध अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी। यदि किसी राजनैतिक दल या चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी संपत्ति को बिना उसके स्वामी की लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है तो निजी संपत्ति के स्वामी द्वारा संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराने के बाद गठित टीम निजी संपत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्यवाही करेगा।
संबंधित थाना प्रभारी प्रदत्त सूचना रिपोर्ट पर विधिवत जांच कर सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। इसी प्रकार किसी धार्मिक स्थल का उपयोग चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिये नहीं किया जाएगा। थाना प्रभारी द्वारा संपत्ति विरूपण से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की जाएगी।
अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध: कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने आदेश जारी कर कहा है कि लोकसभा निर्वाचन-2024 हेतु समस्त अधिकारी-कर्मचारियों को आदेशित किया जाता है कि वे कलेक्टर या जिला निर्वाचन अधिकारी के पूर्वानुमति के न तो अवकाश पर रहेंगे और ना ही मुख्यालय छोड़ेंगे। इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। इसके अनुसार जिला स्तर पर तथा जिले अंतर्गत समस्त शासकीय एवं राज्य शासन के विभागीय इकाईयों/उपक्रमों के अमले के अवकाशों की स्वीकृति हेतु जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवकाश स्वीकृत करने हेतु सक्षम अधिकारी होंगे।
आदर्श आचार संहिता लागू होने पर जनप्रतिनिधियों को आबंटित वाहन वापस लेने के निर्देश: कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने जनप्रतिनिधियों को आबंटित वाहन वापस लेने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। अतः निर्वाचन की घोषणा की दिनांक से निर्वाचन कि परिणाम घोषित होनेे के दिनांक तक केन्द्र राज्य शासन के उपक्रम, संयुक्त क्षेत्र के उपक्रमों स्वायत्तशासी संस्थाओं, जिला पंचायतों, जनपद पंचायतो, ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों, विपणन बोर्ड, विपणन संस्थाओं, कृषि उपज मंडी समिति प्राधिकरणों या अन्य ऐसे निकाय जिनमें सरकारी धन का कितना भी छोटा अंश निवेश किया गया हो, के वाहनों के उपयोग के किसी भी प्रकरण की अनुमति संसद सदस्य, लोकसभा सदस्य या राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों अथवा अभ्यर्थियों या निर्वाचन से संबंधित किसी व्यक्ति को नहीं दिए जाने के आदेश है। अतएव उल्लेखित जनप्रतिनिधियों को आबंटित वाहन वापस ले कर सूचना प्रदान करें।
















