दुर्ग। जिला दण्डाधिकारी अभिजीत सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5(क) (ख) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त विक्की चंद्राकर को एक वर्ष की अवधि तक जिले की सीमावर्ती जिलों की सीमाओं से बाहर रहने आदेशित किया है।
जिला दण्डाधिकारी अभिजीत सिंह ने पुलिस अधीक्षक दुर्ग के प्रतिवेदन पर बदमाशों के अपराधिक आचरण एवं प्रवृत्ति पर नियंत्रण किए जाने तथा आम जनता में अमन-चैन और कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु जनहित में आदतन बदमाश विक्की चंद्राकर पिता बसंत चंद्राकर निवासी ग्राम कोनारी थाना पुलगांव, तहसील व जिला दुर्ग एवं उसके सीमावर्ती जिले रायपुर, बेमेतरा, बालोद, राजनांदगांव, रायपुर एवं धमतरी जिले की सीमाओं से आदेश तिथि 17 अप्रैल 2025 से एक सप्ताह के भीतर बाहर चले जाने कहा है।
जिला दण्डाधिकारी के आदेशानुसार आदेश तिथि से एक वर्ष की अवधि तक उक्त जिलों की सीमाओं में जिला दण्डाधिकारी के आदेश के बिना विक्की चंद्राकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
ज्ञात हो कि पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार आरोपी विक्की चंद्राकर पिता बसंत चंद्राकर थाना पुलगांव दुर्ग का आदतन अपराधी है। इनके विरूद्ध थाना पुलगांव में अपराधिक गतिविधियों से संबंधित विभिन्न धाराओं में 06 प्रकरण दर्ज है।
आरोपी अत्यंत क्रूर प्रवृत्ति के है एवं इनके आतंक से लोग भयभीत होकर दहशत में है। इनके विरूद्ध लोगों के द्वारा गवाही देने में जान का खतरा बना रहता है। इनके द्वारा लोगों को मारना, पीटना जैसे जघन्य अपराध में संलिप्त होने का कार्य करते है। इनके कृत्यों में आस-पास के अपराधिक प्रवृति के लोग भी सम्मिलित होते है।
जिससे इनके हौसला दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इनके अपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण एवं अंकुश लगाना जरूरी हो गया है। जिला दण्डाधिकारी द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए न्यायालयीन आदेश पारित कर आपराधिक प्रवृत्ति में संलिप्त विक्की चंद्राकर को 01 वर्ष के लिए जिलाबदर किया गया हैं।
















