करवाचौथ का व्रत 13 अक्तूबर यानी गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सुहागिन स्त्रियों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।इस वर्ष गुरुवार का दिन कृत्तिका नक्षत्र रात्रि तक रहेगा। सिद्धि योग पश्चात् व्यतिपात योग मिल रहा है। गुरुवार चतुर्थी तिथि को बहुत ही शुभ माना जाता है। इस बार चंद्रोदय अधिकतर जगह समय पर हो जाएगा। चंद्रमा अधिकतर जगह रात 7:55 बजे से 8 बजे तक निकल जाएगा। यहां हम आपको बता रहे हैं उत्तर प्रदेश,एमपी, बिहार, राजस्थान और दिल्ली एनसीआर में चांद निकलने का समय।
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और चतुर्थी तिथि भगवान श्रीगणेश को समर्पित होता है। करवा चौथ व्रत के दिन भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा की जाती है। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है। यह व्रत एक कठिन व्रत माना जाता है। क्योंकि इस व्रत में महिलाएं पूरे दिन निर्जला रहती हैं और चांद निकलने के बाद ही अपना व्रत खोलती हैं। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को चंद्रोदय ब्यापिनी में यह व्रत किया जाता है। इस बार व्रत में पांच खास योग पड़ रहे हैं, जो इस व्रत की शुभता को और भी बढ़ा रहे हैं।
करवा चौथ व्रत के दिन की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि योग से होगी। इसके अलावा इस दिन शुक्र व बुध एक ही राशि में होने से लक्ष्मी नारायण योग का अद्भुत संयोग बन रहा है। वहीं बुध व सूर्य के एक ही राशि में होने से बुधादित्य योग बन रहा है। इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे। शनि अपनी स्वराशि मकर में विराजमान रहेंगे। ग्रहों की यह स्थिति शुभ फलदायी मानी जा रही है। इस अवधि में पूजा-पाठ करना बेहद शुभ माना जा रहा है।
करवा चौथ पर बनने वाले शुभ योग- करवा चौथ के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग 12 अक्टूबर 2022 को दोपहर -2 बजकर 21 मिनट से 13 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा इस दिन रोहिणी नक्षत्र 13 अक्टूबर को शाम 06 बजकर 41 मिनट से 14 अक्टूबर को रात 08 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
करवा चौथ 2022 शुभ मुहूर्त- करवा चौथ व्रत कार्तिक मास के चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस साल चतुर्थी तिथि 12 अक्टूबर को रात 01 बजकर 59 मिनट से आरंभ होगी, जो कि 14 अक्टूबर को सुबह 03 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगी।
करवा चौथ पूजन मुहूर्त- करवा चौथ पूजा मुहूर्त 05:54 पी एम से 07:08 पी एम तक रहेगा। पूजन की अवधि 01 घंटा 15 मिनट की है। करवा चौथ व्रत समय – 06:20 ए एम से 08:09 पी एम तक रहेगा। अवधि 13 घंटे 49 मिनट की है। 13 अक्टूबर को चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 09 मिनट का है।
करवा चौथ पूजा विधि-
सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
स्नान करने के बाद मंदिर की साफ- सफाई कर ज्योत जलाएं।
देवी- देवताओं की पूजा- अर्चना करें।
निर्जला व्रत का संकल्प लें।
इस पावन दिन शिव परिवार की पूजा- अर्चना की जाती है।
सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
माता पार्वती, भगवान शिव और भगवान कार्तिकेय की पूजा करें।
करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा की पूजा की जाती है।
चंद्र दर्शन के बाद पति को छलनी से देखें।
इसके बाद पति द्वारा पत्नी को पानी पिलाकर व्रत तोड़ा जाता है।
साभार: हिंदुस्तान
















