दुर्ग। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने करेंगुट्टालु पहाड़ी पर ‘ऑपरेशन ब्लैक फारेस्ट’ को सफलता पूर्वक अंजाम देने वाले एसटीएफ, सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी एवं कोबरा के जवानों से नई दिल्ली में भेंट की जिसमें एसटीएफ छत्तीसगढ़ में पदस्थ तीन जवानों प्रधान आरक्षक थानसिंह नेवारे, आरक्षक अमित कुमार पाण्डेय एवं आरक्षक नरेश कुमार पैकरा को उनके द्वारा सम्मानित किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेवसाय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, नक्सल ऑप्स विवेकानन्द सिन्हा भी उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने करेंगुट्टालु पहाड़ी पर चले अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन ब्लैक फारेस्ट’ में बीर जवानों द्वारा शौर्यपूर्ण प्रदर्शन कर अभियान को सफल बनाने के लिए सभी सुरक्षाबलों के जवानों को हृदय से बधाई दी।
उन्होने कहा कि नक्सलियों के विरूद्ध अभियान के इतिहास में ‘ऑपरेशन ब्लैक फारेस्ट’ के दौरान जवानों का शौर्य और पराक्रम एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने देश के सबसे कम विकसित क्षेत्रों को बहुत नुकसान पहुंचाया है, स्कूल और अस्पताल बंद कर दिये और सरकारी योजनाओं को स्थानीय लोगों तक नही पहुंचने दिया। उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियानों के कारण पशुपतिनाथ से लेकर तिरूपति तक के क्षेत्र में साढ़े 6 करोड़ लोगों के जीवन में नया सुर्योदय हुआ है।
श्री शाह ने कहा कि नक्सल विरोधी अभियानों में गंभीर शारीरिक क्षति उठाने वाले सुरक्षाबलों के जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिये मोदी सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का संकल्प है, कि हम 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे।
नई दिल्ली से वापसी के बाद दुर्ग स्थित एसटीएफ मुख्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ रजनीश शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक एसटीएफ त्रिलोक बंसल द्वारा जवानों से चर्चा करने पर जवानों का मनोबल उच्च स्तर का पाया गया तथा जवान पुनः नक्सल विरोधी अभियानो में बढ़ चढ़कर भाग लेने एवं 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के प्रति दृढ़ संकल्पित दिखाई दिये।
















