भिलाई। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने नववर्ष 2026 पर पुलिस आफिसर्स मेंस में आयोजित पत्रकारवार्ता में विगत वर्ष 2025 का सालाना आंकड़ा जारी करते हुए बताया कि लगभग 11000 मामलों में 93% मामलों को सुलझा लिया गया है। उन्होंने इनका श्रेय पुलिस सिपाही से लेकर अधिकारियों तक को दिए है। एसएसपी ने कहा कि अपराधियों पर लगाम लगाना और शांति स्थापित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले की लगातार बढ़ती आबादी, अपराध के नये तरीके एवं वाहनों की बढ़ती संख्या के मध्य दुर्ग पुलिस द्वारा सतत् गश्त-पेट्रोलिंग, वैधानिक कानूनी एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, आधुनिक तकनीक का उपयोग तथा विभिन्न जागरूकता अभियान से अपराध नियंत्रण कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल हुई है।
एसएसपी ने बताया कि जिले में वर्ष 2024 में भादवि बीएनएस अंतर्गत 7223 अपराध पंजीबद्ध की गई थी उसकी तुलना में वर्ष 2025 में कुल 7878 अपराध पंजीबद्ध हुई है। नये कानन में दिये गये प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक शिकायत/सूचना पर शीघ्र अपराध पंजीबद्ध किया गया है। वर्ष 2025 में बीएनएस एवं बीएनएसएस के कुल 10927 पंजीबद्ध अपराधों में से 93% अपराध का निराकरण किया जा चुका है, शेष अपराधों के निराकरण शीघ्र किये जाने हेतु संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है।
सशक्त मोबाईल एप पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग द्वारा विकसित सशक्त मोबाईल एप जिसमें चोरी हुये वाहनों के डाटा का संग्रहण किया गया है, उसका उपयोग थाना/चौकी स्तर पर किया जा रहा है। एप की सहायता से रेल्वे स्ट्रेशन, बस स्टेण्ड, स्कूल कॉलेज एवं अन्य स्थानों पर खड़े वाहनों का इंजन नंबर, चेचिस नम्बर या रजिस्ट्रेशन नम्बर के आधार पर जांच की जा रही है। अभी तक इस एप की सहायता से 132 चोरी के वाहनों को बरामद करने में पुलिस को सफलता प्राप्त हुई है।
अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण की दृष्टि त्रिनयन एप जिले के कैमरों को जोड़कर कर नियंत्रण कक्ष के माध्यम से मॉनिटरिंग की जा रही है। अपराध घटित होने पर आरोपियों की पतासाजी हेतु इस एप का उपयोग से काफी मदद मिलती है। वर्तमान में जिले के 21000 शासकीय एवं निजी कैमरों को जोड़ा गया है।
आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास जागृत करने के उद्देश्य से थाना-चौकी में शिकायत या अन्य कार्य हेतु आने वाले व्यक्तियों एवं आम जनता का थाने की कार्यप्रणाली तथा अपने अनुभव साझा करने के लिये अनुभव फीड बैंक फार्मेट तैयार किया गया है, जिसमे कोई भी व्यक्ति थाने मे लगे क्यूआर कोड स्कैन करके थाने से संबंधित कोई सुझाव या अनुभव साझा कर सकते है, जिसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
सायबर प्रहरी मोबाईल ग्रुप सायबर संबंधी अपराधों को रोकने तथा जगारूकता के उद्देश्य से जिले के थाना-चौकियों में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी तथा आम जनता को व्हाट्सअप ग्रुप के माध्यम से जोड़ा गया है। इस ग्रुप में सायबर संबंधी होने वाले फ्रॉड की जानकारी साझा की जा रही है। जिले में इस ग्रुप में 2 लाख व्यक्तियों को जोड़ा गया है।
पुरूष परामर्श केन्द्र महिला थानें में संचालित महिला परामर्श केन्द्र में अधिक संख्या में पारिवारिक विवाद में पीड़ित पुरूष के आवेदनों की संख्या को देखते हुये पृथक से पुरूष परामर्श केन्द्र की स्थापना माह नवम्बर 2025 में की गई तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से सेवा निवृत्त अधिकारी को कौंसलर के रूप में नियुक्त किया गया है। जहां पारिवारिक विवाद में पीड़ित पुरूष के आवेदनों में दिये तथ्यों को सुनकर उनकी समस्याओं को विधि सम्मत निराकरण किया जा रहा है।
हेल्थ चेकअप पुलिस अधिकारी/कर्मचारी तथा उनके परिजनों को होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्या को दृष्टिगत रखते हुये जिला पुलिस दुर्ग द्वारा मेधा हेल्थ कैंप का आयोजना अग्रसेन भवन सेक्टर 06 भिलाई में किया गया। जहां पर समस्त बिमारियों के अनुभवी एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों एवं उनके परिवार के 1259 सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें रिपोर्ट के आधार पर उचित ईलाज हेतु सलाह दी गई।
लावारिस वाहनों की नीलामी जिले के रामरत थाना/चौकी में जप्त लावारिस/लदावा वाहन 03 चार पहिया, 1866 मोटर सायकल एवं 272 सायकल के विधिवत निपटान हेतु थाना जामुल परिसर में एकत्र किया गया है। जिसके विधिवत निपटान हेतु नीलामी की कार्यवाही की जा रही है।
नव निर्माण कार्य/आधार भूत संरचना :-
नवीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन की स्थापना पुलिस अभीक्षक कार्यालय वर्तमान में कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित है। जहां अधिकारी/कर्मचारियों के बैठक हेतु पर्याप्त स्थान नहीं होने से कार्यालय के कई शाखाओं को अन्य स्थानों से संचालित किया जा रहा है। इसी को दुष्टिगत रखते हुये नवीन पुलिस अभीक्षक कार्यालय भवन की आवश्यकता होने पर पुराना थाना दुर्ग परिसर में स्थित भूमि पर निर्माण हेतु प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय रायपुर को भेजी गई है।
प्रशिक्षण हाल (दधिचि हाल) का निर्माण
पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को समय-समय पर दिये जाने वाले प्रशिक्षण एवं सेमीनार हेतु पुलिस लाईन दुर्ग में पृथक से आधुनिक प्रशिक्षण हाल (दधिचि हाल) का निर्माण किया गया है।
रेंज सायबर थाना ऑन लाईन ठगी/सायबर अपराध के संबंधित प्रकरणों की जांच हेतु संचालित रेंज सायबर थाना के नवीन थाना हेतु सेक्टर 06 महिला थाना में समीप खाली भूमि पर थाना भवन हेतु भूमि पूजन किया गया है, जिसमें आधुनिक स्तर पर थाना भवन का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाना है।
महिला परामर्श केन्द्र सेक्टर 06 भिलाई में संचालित महिला थाना में आने वाले पीड़ित महिलाओं की के आवेदनों के निराकारण/काउंसलिंग हेतु पृथक से महिला परामर्श केन्द्र की स्थापना की जाकर उनके बैठका की उचित व्यवस्था की गई है।
बैरक निर्माण: पुलिस लाईन परिसर में नव आरक्षको के निवास हेतु सर्वसुविधा युक्त बैरक का निर्माण कराया गया है। मेस कानून व्यवस्था एवं अन्य इयूटी में जिला मुख्यालय आने वाले अधिकारियों के रुकने, शाखाओं को अन्य स्थानों से संचालित किया जा रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुये नवीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन की आवश्यकता होने पर पुराना थाना दुर्ग परिसर में स्थित भूमि पर निर्माण हेतु प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय रायपुर को भेजी गई है। प्रशिक्षण हाल (दधिचि हाल) का निर्माण पुलिस अधिकारी/कर वाले प्रशिक्षण एवं सेमीनार हेतु पुलिस लाईन दुर्ग में पृथक से आधुनिक प्रशिक्षण हाल (दधिचि हाल) का निर्माण किया गया है। पत्रकार वार्ता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर, एएसपी ग्रामीण अभिषेक झा, एएसपी पद्मश्री तंवर, ऋचा मिश्रा, सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी, प्रशांत पैंकरा, आरआई नीलकंठ वर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
















