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एशिया के सबसे बड़े टेक इवेंट IMC का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, कहा- भारत आज टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया के सबसे हैपनिंग देशों में से एक है

इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 8वें संस्करण का आज यानी 15 अक्टूबर से आगाज हो गया है। पीएम मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस का उद्धाटन किया। इस दौरान Airtel, Jio, BSNL और Vi समेत टेक सेक्टर के कई दिग्गज शामिल रहे…

 

नईदिल्ली (ए)। एशिया के सबसे बड़े टेक इवेंट इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 8वें संस्करण का आज से आगाज हो गया है। दूरसंचार विभाग और COAI की साझेदारी में आयोजित इस मेगा टेक इवेंट का उद्घाटन पीएम नरेन्द्र मोदी ने किया। इस दौरान केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उनके साथ मौजूद रहे। इससे पहले पीएम मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में पहली बार आयोजित होने वाले ITU-WTSA का भी उद्धाटन किया। यूनाइटेड नेशन के वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टेंड्राइजेशन असेंबली और इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन द्वारा यह इवेंट आयोजित किया जा रहा है।

केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने IMC 2024 के दौरान भारत के टेलीकॉम सेक्टर के बढ़ते प्रभाव का जिक्र किया। केंद्रीय संचार मंत्री ने भारत में मोबाइल फोन के जबरदस्त इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र करते हुए कहा कि यहां जब किसी परिवार में मोबाइल फोन आता है, तो उनके पास कई जरूरी सेवाओं की पहुंच हो जाती है। इनमें बैंकिंग सर्विस से लेकर सरकार के वेलफेयर स्कीम तक शामिल हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत की मोबाइल और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के बारे में कहा कि इस समय भारत में मोबाइल यूजर की संख्यां 904 मिलियन यानी 90 करोड़ से बढ़कर 1.16 बिलियन यानी 116 करोड़ तक पहुंच गई है। वहीं, भारत में ऑप्टिकल फाइबर (OFC) की पहुंच 11 मिलियन किलोमीटर से बढ़कर 41 मिलियन किलोमीटर तक हो गई है।

5G रोल आउट का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेज 5G रोल आउट करने वाला देश बन गया है। महज 21 महीने के अंदर देश के 98 प्रतिशत जिलों और 90 प्रतिशत गावों में 5G सर्विस पहुंच गई है। 4G और 5G कनेक्टिविटी की वजह से देश में डिजिटल पेमेंट सिस्टम का जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिला है। UPI इंटरफेस और 4G कनेक्टिविटी की वजह से देश में डिजिटल पेमेंट की संख्यां में इजाफा देखने को मिला है।

पीएम मोदी ने IMC 2024 का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि भारत आज टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया के सबसे हैपनिंग देशों में से एक है। भारत जहां 120 करोड़ यानी 1200 मिलियन मोबाइल यूजर्स हैं, भारत जहां 95 करोड़ यानी 950 मिलियन इंटरनेट यूजर्स हैं, भारत जहां दुनिया का 40 प्रतिशत से अधिक का रीयल टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन होता है, भारत जिसने डिजिटल कनेक्टिविटी को लास्ट माइल डिलीवरी का इफेक्टिव टूल बनाकर दिखाया है। वहां, ग्लोबल टेलीकम्युनिकेशन के स्टेंडर्ड और फ्यूचर पर चर्चा ग्लोबल गुण का भी माध्यम बनेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि WTSA और IMC का एक साथ होना भी बहुत महत्वपूर्ण है। WTSA का लक्ष्य ग्लोबल स्टैंडर्ड पर काम करना है। वहीं, इंडिया मोबाइल कांग्रेस की भूमिका सर्विसेज के साथ जुड़ी हुई है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज भारत क्वालिटी ऑफ सर्विस पर बहुत ज्यादा फोकस कर रहा है। हम अपने स्टैंडर्ड्स पर भी विशेष बल दे रहे हैं। ऐसे में WTSA का अनुभव भारत को एक नई उर्जा देने वाला होगा। WTSA पूरी दुनिया को इंपावर करने की बात करता है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस पूरी दुनिया को कनेक्टिविटी के जरिए सशक्त करने की बात करता है।

पीएम मोदी ने आगे कहा, 21वीं सदी में भारत की मोबाइल और टेलीकॉम यात्रा पूरे विश्व के लिए स्टडी का विषय है। दुनिया में मोबाइल और टेलीकॉम को एक सुविधा की तरह देखा गया है, लेकिन भारत का मॉडल कुछ और रहा है। भारत में हमने मोबाइल और टेलीकॉम को केवल कनेक्टिविटी का नहीं, बल्कि इक्विटी का एक माध्यम बनाया है। यह माध्यम गांव, शहर, अमीर और गरीब के बीच की दूरी को कम करने का काम कर रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमने 10 साल पहले जब डिजिटल इंडिया के बारे में सोचा तो इन चार पिलर्स पर सबसे पहले काम किया। भारत में मोबाइल सस्ते हो इसके लिए हमने मिलकर काम किया है। 2014 में जहां केवल दो मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनीट थी, अब 200 से ज्यादा यूनिट्स हो गए हैं। हम इतने पर ही नहीं रूके हैं। अब हम सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर भी काम कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने टेलीकॉम सेक्टर में अभूतपूर्ण काम किए हैं। हमने सबसे तेजी से 5G रोल आउट किया है और 6G की भी तैयारी कर रहे हैं। भारत में इंटरनेट डेटा की कीमत लगभग 12 सेंट प्रति GB है, जबकि दुनिया के कई देशों में प्रति GB डेटा की कीमत इससे 10 गुना ज्यादा है। हम प्रति यूजर 30GB डेटा कंज्यूम करते हैं। भारत ने डिजिटल टेक्नोलॉजी को डेमोक्रेटाइज किया है।

पीएम मोदी ने साइबर अपराध से लोगों को बचाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए रेगुलेशन और गाइडलाइंस स्थापित करने की बात कही है। इसके लिए ग्लोबल इंस्टिट्यूट्स और फ्रेमवर्क के साथ टेलीकम्युनिकेशन को सुरक्षित करने पर जोर देने के लिए कहा है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लोगों के वेलफेयर के लिए किया जा रहा है। महिलाओं के लिए ड्रोन दीदी से लेकर महिला ई-हाट जैसी योजनाएं भारत में चलाई जा रही है, जो भारत के डिजिटल क्रांति की एक मिसाल है।

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