नईदिल्ली (ए)। रतन टाटा ने शुक्रवार को एयर इंडिया के अधिग्रहण के लिए टाटा संस की 18,000 करोड़ रुपये की बोली स्वीकार करने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि एयरलाइन समूह के लिए एक मजबूत बाजार अवसर प्रदान करती है. हालांकि, कर्ज में डूबी एयर इंडिया को पटरी पर लाने के लिए काफी प्रयास की जरूरत होगी. उन्होंने कहा, ‘‘एयर इंडिया का फिर से स्वागत है।’’
टाटा ने एक बयान में कहा, ‘‘टाटा समूह का एयर इंडिया के लिए बोली जीतना बड़ी खबर है.’’ उन्होंने यह स्वीकार किया कि कर्ज में डूबी एयर इंडिया को पटरी पर लाने के लिए काफी प्रयास की जरूरत होगी, लेकिन यह जरूर है कि टाटा समूह के एविएशन इंडस्ट्री में मौजूदगी को यह मजबूत बाजार अवसर उपलब्ध कराएगी।’’
सरकार ने शुक्रवार को कहा कि टाटा संस की विशेष उद्देश्यीय इकाई (एसपीवी) ने एयर इंडिया के अधिग्रहण के लिए स्पाइसजेट प्रवर्तक अजय सिंह की अगुवाई वाले समूह को पीछे छोड़ते हुए सफल बोली लगाई है. इसके साथ एयर इंडिया टाटा के पास वापस चली गई है. टाटा ने एयरलाइन की स्थापना की थी. बाद में इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया था।
Welcome back, Air India 🛬🏠 pic.twitter.com/euIREDIzkV
— Ratan N. Tata (@RNTata2000) October 8, 2021
टाटा ने कहा, ‘‘…एक समय जे आर डी टाटा के नेतृत्व में एयर इंडिया ने दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित एयरलाइनों में से एक होने की प्रतिष्ठा प्राप्त की थी.’’ उन्होंने कहा कि टाटा को उस छवि और प्रतिष्ठा को फिर से हासिल करने का अवसर मिलेगा जो उसने पूर्व में हासिल की थी. टाटा ने कहा, ‘‘ जे आर डी टाटा अगर आज हमारे बीच होते तो बहुत खुश होते.’’ उन्होंने निजी क्षेत्र के लिए चुनिंदा उद्योगों को खोलने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया।















