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एक करोड़ गरीब-मध्यम वर्ग के परिवारों को घर, NPS-वात्सल्य योजना की भी हुई घोषणा

पीएम आवास योजना की मौजूदा समय सीमा दिसंबर 2024 तक है। अपने लक्ष्य से दूर होने के कारण सरकार ने अंतरिम बजट में इस योजना को पांच साल तक बढ़ाया दिया था। इस बार प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तीन करोड़ अतिरिक्त घरों की घोषणा की गई है…

नईदिल्ली (ए)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के मानसून सत्र के दौरान बजट पेश किया। खास बात यह है कि वित्त मंत्री ने सातवीं बार बजट पेश किया है। इस बजट में कई बातों का जिक्र किया गया। इस बीच ‘एनपीएस-वात्सल्य’ योजना की भी घोषणा की गई। वित्त मंत्री ने कहा, ‘एनपीएस-वात्सल्य के रूप में नाबालिग बच्चों के लिए माता-पिता और अभिभावकों द्वारा योगदान की एक योजना शुरू की जाएगी। नाबालिग के वयस्क होने पर योजना को निर्बाध रूप से सामान्य एनपीएस खाते में परिवर्तित किया जा सकता है।’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की घोषणा
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस), केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक मददगार पेंशन योजना है। एनपीएस की मदद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी एक निश्चित आमदनी आपके खाते में आती है। इस योजना के तहत आपको लंबी अवधि तक निवेश करना होता है। अब आप इस योजना के तहत अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर भी निवेश कर सकेंगे। केंद्र सरकार ने इस अतिरिक्त योजना को ‘एनपीएस-वात्सल्य’ नाम दिया है। केंद्रीय वि्त मंत्री ने बजट पेश करने के दौरान इस योजना की घोषणा की। 

एनपीएस-वात्सल्य योजना 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एनपीएस-वात्सल्य योजना के तहत माता-पिता अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर निवेश कर सकेंगे। इसके बाद जब बच्चा वयस्क हो जाए, तो माता-पिता इस योजना को एनपीएस में परिवर्तित कर सकते हैं। बच्चों के उज्जवल भविष्य को तैयार करने में एनपीएस-वात्सल्य योजना काफी मददगार साबित होगी।इस दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि एनपीएस के संबंध में सरकारी कर्मचारियों की चिंताओं के समाधान के लिए जल्द ही नई घोषणा की जाएगी।

पीएम आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तीन करोड़ अतिरिक्त घरों की घोषणा की गई है। इसके लिए आवश्यक आवंटन किया गया है। औद्योगिक श्रमिकों के लिए छात्रावास शैली के आवासों के साथ किराये के आवास बनाए जाएंगे। इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) के माध्यम से किया जाएगा।

बजट में पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 का एलान किया गया है। इसके तहत 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश से एक करोड़ गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की आवास की जरूरत को पूरा किया जाएगा। इसमें अगले पांच वर्षों में 2.2 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल होगी।

शहरी आवास के लिए किफायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए सरकार ब्याज सब्सिडी योजना लाएगी। इसके साथ ही सरकार बेहतर उपलब्धता के साथ कुशल और पारदर्शी किराये के आवास बाजार की स्थापना करेगी।

अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के विस्तार की घोषणा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना जून 2015 में ‘सभी के लिए आवास’ के उद्देश्य से शुरू की गई थी। योजना की मौजूदा समय सीमा दिसंबर 2024 को पांच साल तक बढ़ाया गया है। पीएम ग्रामीण योजना के तहत 3 करोड़ घर दिए गए हैं वहीं अगले पांच वर्षों में इसमें 2 करोड़ नए आशियाने बनाए जाएंगे।
निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि केंद्र सरकार मध्यम वर्ग को आवास देने के लिए एक योजना शुरू करेगी।

2023 के बजट में आवासीय क्षेत्र को क्या मिला था?
वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में वित्त मंत्री ने लोगों को किफायती घर मुहैया करने के लिए बड़ी घोषणा की थी। पीएम आवास योजना के लिए बजट को 66 फीसदी बढ़ाया गया था। इसका फंड 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया था। वहीं शहरी विकास पर सालाना 10,000 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा हुई थी।

आवासीय क्षेत्र को लेकर हुई थी ये घोषणाएं:
पीएम आवास योजना का बजट: 
वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान वित्त मंत्री ने पीएम आवास योजना के लिए 48 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। वहीं, 2023-24 में इसे बढ़ाकर 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया था।

शहरी नियोजन में सुधार: शहरों को भविष्य के स्थायी शहरों में बदलने के लिए शहरी नियोजन सुधार और कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहन देने की बात कही गई थी।

म्युनिसिपल बांड: अपनी साख में सुधार के लिए, संपत्ति कर प्रशासन सुधारों और रिंग फेंसिंग उपयोगकर्ता शुल्क के जरिए शहरों को प्रोत्साहित करने की घोषणा हुई थी।

शहरी बुनियादी ढांचा विकास निधि की स्थापना: वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में शहरी अवसंरचना विकास निधि के लिए हर साल 10 हजार करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इसका प्रबंधन राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा किया जाएगा।

100 फीसदी मशीनी सफाई: बजट भाषण में कहा गया था कि शहरों में पूरी तरह मशीनों से मल टैंकों, मैनहोलों की सफाई होगी। सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।

आवासीय घर में किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती: आयकर अधिनियम की धारा 54 और 54एच के तहत आवासीय गृह में किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती की सीमा को 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया था। यह निर्णय कर रियायतों और छूटों को बेहतर लक्षित करने के लिए लिया गया था।

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