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उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हुआ जोरदार स्वागत: भगवान जागनाथ का लिया आशीर्वाद, आदि कैलाश के किए दर्शन, दिए 4200 करोड़ की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तराखंड दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ के पार्वती कुंड में पूजा-अर्चना की। इसके बाद पीएम मोदी ने गुंजी में रं समाज के स्टाल में पारंपरिक वस्तुएं और उत्पाद देखे साथ ही पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल भी बजाया। लोगों का हाथ हिलाकर स्वीकार अभिवादन किया…

कुमाऊं (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक दिवसीय कुमाऊं दौरे पर हैं। पिथौरागढ़ में पार्वती कुंड में दर्शन कर गुंजी में सेना के जवानों व स्थानीय लोगों से मिलने के बाद पीएम जागेश्वर के लिए रवाना हुए। दोपहर 12.10 बजे पीएम हेलीकाप्टर से शौकियाथल पहुंचे। जिसके बाद वह कार से जागेश्वर के लिए रवाना हुए। पनुवानौला तिराहे के पास स्थानीय लोगों ने पीएम का अभिवादन किया। पीएम ने अपनी कार से बाहर निकल भीड़ की ओर हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। जिसके बाद पीएम जागेश्वर मंदिर के लिए रवाना हुए गए। यहां उन्होंने महामृत्युंजय सहित अन्य मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान जागनाथ का आशीर्वाद लिया। यहां उनके साथ सीएम पुष्कर सिंह धामी, सांसद अजय टम्टा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने कहा कि देवभूमि के मंदिर आस्था ही नहीं आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे में जानकारी दी।

प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा  पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में गजब उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हैलीपेड से गुंजी के लिए रवाना हुए।

प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ़ गई है।

पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है। भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है।

सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ जिले के गुंजी गांव में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री के आगमन पर स्थानीय लोगों में गजब का उत्साह दिखा। कैलाश आगमन पर पीएम का जोरदार स्वागत किया गया।

आपको बता दें कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की आध्यात्मिक भूमि आदि कैलाश पहुंचे। यहां शिव मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश के विराट दर्शन किए और देश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। शिव धाम आदि कैलाश आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज सुबह 8.45 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ में ज्योलिंगकांग हेलीपैड पर उतरे। यहां से करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करते हुए हिमालय की चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर पहुंचे। करीब 25 मिनट तक शिव की पूजा और ध्यान किया। आदि कैलाश मंदिर में रं-समुदाय के लामा पुजारियों ने पौराणिक काल से प्रसिद्ध शिव-पार्वती की ‘माटी पूजा’ पूरे विधि विधान के साथ संपन्न की।

इसके बाद पीएम मोदी ने आदि कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन भी किए। आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन कर प्रधानमंत्री अभीभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश के दर्शन कर उनका मन प्रसन्न और जीवन धन्य हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यहां कण-कण में देवी देवताओं का वास है। भगवान आदि कैलाश के दर्शन कर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है।

 

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