मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मानसून के आगमन के बाद जितनी बारिश हुई वो सामान्य रूप से होने वाली वर्षा से 2 फीसदी ज्यादा है…
नईदिल्ली (ए)। दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में दो दिनों से भारी बारिश हो रही है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में कई नदियां उफान पर हैं. भारी बारिश की वजह से कई स्थानों पर, सड़कों पर जलभराव हो गया है. मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है. बारिश के कारण रेल नेटवर्क पर भी असर पड़ रहा है. लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तर रेलवे ने 17 ट्रेनों को रद्द कर दिया है और लगभग 12 अन्य का मार्ग बदल दिया है।
जुलाई के शुरुआती आठ दिनों में देश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश हुई है, जिसने देशभर में वर्षा में कमी की भरपाई कर दी है. मौसम विभाग ने आंकड़ों के जरिये यह जानकारी दी. मानसून के आगमन के बाद से अब तक 243.2 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई है, जो सामान्य रूप से होने वाली वर्षा 239.1 मिमी से दो प्रतिशत अधिक है।
उत्तर भारत में भारी बारिश से 19 लोगों की मौत, नदियां उफान पर न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उत्तर भारत के कई हिस्सों में रविवार को मूसलाधार बारिश हुई. भूस्खलन और बारिश जनित विभिन्न घटनाओं में 19 लोगों की मौत हो गई. दिल्ली में यमुना सहित देश के उत्तरी क्षेत्र में कई नदियां उफान पर हैं।
इसी बीच हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में 1 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है. दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और इसके मंगलवार को खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार करने की आशंका है।
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि जलभराव के कारण चार स्थानों पर यातायात निलंबित कर दिया गया है. इनमें नोगनवान (अंबाला)-न्यू मोरिंडा के बीच, नंगल बांध और आनंदपुर साहिब के बीच और कीरतपुर साहिब और भरतगढ़ के बीच के सेक्शन शामिल हैं. रद्द की गई ट्रेनों में फिरोजपुर कैंट एक्सप्रेस, अमृतसर सुपर फास्ट एक्सप्रेस, चंडीगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस और चंडीगढ़ से अमृतसर जंक्शन एक्सप्रेस व अन्य ट्रेनें शामिल हैं।
रेलवे पर पड़ा बारिश का असर उन्होंने कहा कि जिन ट्रेन का रूट डायवर्ट किया गया है उनमें मुंबई सेंट्रल-अमृतसर एक्सप्रेस, दौलतपुर चौक एक्सप्रेस व अन्य ट्रेनें शामिल हैं. खराब मौसम को देखते हुए शिमला-कालका मार्ग पर भी ट्रेन सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं. लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर अधिकारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से चलने वाली ट्रेनों पर कड़ी नजर रख रहे हैं और पटरियों से पानी निकालने के लिए पंप चलाए जा रहे हैं।
दिल्ली क्षेत्र में ट्रेन सेवा सामान्य उत्तर रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने कहा कि लगातार भारी बारिश के कारण दिल्ली क्षेत्र से ट्रेनों को सुरक्षित रूप से चलाने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है. पटरियों से पानी निकालने के लिए दिल्ली-सब्जी मंडी क्षेत्र और स्टेशन के प्रशिक्षण क्षेत्र में आठ पंप चलाए जा रहे हैं. दिल्ली क्षेत्र में ट्रेनें अभी भी सामान्य है. दिल्ली में पिछले 40 सालों में एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश हुई है. जिससे सड़कें और अंडरपास जलमग्न हो गए हैं. कुछ इलाकों में पानी दुकानों और घरों में भी घुस गया।
मध्य और दक्षिण भारत में बारिश की स्थिति मध्य भारत में सामान्य रूप से होने वाली 255.1 मिमी के मुकाबले चार प्रतिशत ज्यादा 264.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है. क्षेत्र में काफी संख्या में किसान कृषि कार्य के लिए मानसून की बारिश पर निर्भर रहते हैं. दक्षिण भारत में वर्षा की कमी 45 प्रतिशत से घटकर 23 प्रतिशत रह गई है।
पिछले एक सप्ताह में हुई मूसलाधार बारिश जून के अंत तक देश में 148.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जो सामान्य से 10 प्रतिशत कम थी लेकिन पिछले एक सप्ताह में हुई मूसलाधार बारिश से स्थिति में काफी सुधार हुआ है. मौसम विभाग ने पूर्व में, जुलाई में 94 से 106 प्रतिशत दीर्घकालीन अवधि की वर्षा होने का पूर्वानुमान किया था. वहीं, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्वी भारत में कई जगहों पर सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है।
बारिश ने बनाए नए रिकॉर्ड शनिवार (8 जुलाई) से उत्तर भारत के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं. दिल्ली में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में 153 मिमी बारिश हुई, जो जुलाई 1982 के बाद एक दिन में हुई सर्वाधिक वर्षा है. चंडीगढ़ और अंबाला में क्रमश: 322.2 मिमी और 224.1 मिमी बारिश दर्ज की गई. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तटीय कर्नाटक और गुजरात में कई इलाकों पर ‘भारी से बहुत भारी बारिश’ दर्ज की गई है।
दिल्ली में 41 साल का रिकॉर्ड टूटा दिल्ली में रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे की अवधि में 153 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई. जो 1982 के बाद से जुलाई में एक दिन में हुई सर्वाधिक बारिश है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है. दिल्ली में यमुना नदी के पास के इलाकों में करीब 37,000 लोग रहते हैं. हरियाणा से पानी छोड़े जाने के बाद हालात बदतर होने की संभावना है।
1978 और 2010 की यादें हुईं ताजा राष्ट्रीय राजधानी में ये स्थिति देखकर 1978 और 2010 की यादें ताजा हो गईं. तब बाढ़ के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए थे. 1978 में दिल्ली के कई हिस्से पानी में डूब गए थे. लोगों के घरों में पानी भर गया था और फसलें बर्बाद हो गई थीं।
इस बाढ़ के कारण हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े थे. आजतक के मुताबिक, 1978 में लोहे के पुल पर यमुना का स्तर 207.49 मीटर के निशान पर पहुंच गया था. इसके बाद दो बार और यमुना का स्तर 207 मीटर के निशान के पार गया है. यमुना का जल स्तर साल 2010 में 207.11 मीटर और साल 2013 में 207.32 मीटर पार कर गया था।









