ट्रांसपोर्ट रोपवे का पूरा प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल पर बनेगा। इसका संचालन भी पीपीपी मॉडल पर होगा। बैठक में प्रस्तावित रूट गोदौलिया से कैंट रेलवे स्टेशन, रथयात्रा और साजन तिराहा पर एकमत सहमति भी दिखाई।
वाराणसी (ए)। देश का पहला ट्रांसपोर्ट रोपवे वाराणसी में बनने जा रहा है. इसे गोदौलिया से कैंट तक बनाया जाएगा. एक बार में करीब 4,500 यात्रा रोपवे के जरिए अपनी मंजिलों तक जा सकेंगे. कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आई निविदा को लेकर प्री-बिडिंग की बैठक की. इस दौरान कंपनियों से बातचीत की गई. बैठक में चार फर्मों ने भाग लिया।
वाराणसी में बनने वाले ट्रांसपोर्ट रोपवे को लेकर कमिश्नर दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई. प्री-बिड में शामिल ईसीएल मैनेजमेंट एसडीएचडीएचडी, डोपल्मेयर, एफआईएल, पोमा, एक्रान इंफ्रा, एजीस इंडिया और कन्वेयर एंड रोपवे सिस्टम फर्मों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इनमें ईसीएल, डोपल्मेयर, एफआईएल, पोमा फर्म ने लिखित रूप से रोपवे के निर्माण की इच्छा जताई। ट्रांसपोर्ट रोपवे का पूरा प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल पर बनेगा. संचालन भी पीपीपी मॉडल पर होगा. बैठक में प्रस्तावित रूट गोदौलिया से कैंट रेलवे स्टेशन, रथयात्रा, साजन तिराहा पर एकमत सहमति भी दिखाई।
एक नजर में वाराणसी में बनने वाला ट्रांसपोर्ट रोपवे
- गोदोलिया से कैंट रेलवे स्टेशन के बीच (रथयात्रा और साजन तिराहा)
- ट्रांसपोर्ट रोपवे की लंबाई 3.65 किमी
- एक छोर से दूसरे छोर जाने में समय- 15 मिनट
- केबल कार संख्या- 220
- हर केबल कार में दस व्यक्तियों के बैठने की जगह
- प्रत्येक 90-120 सेकेंड के अंतराल पर केबल कार
- एक बार में 4,500 यात्रियों के सफर की सुविधा
- रोपवे के रूट में प्रस्तावित स्टेशन की संख्या- 5
- जमीन से 11 मीटर ऊंचाई पर रोपवे का संचालन
- हर स्टेशन पर काशी की थीम और संस्कृति की झलक
- ट्रांसपोर्ट रोपवे की लागत: 410.30 करोड़















