ट्रेनों के परिचालन में गार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, अब गार्ड के पद पर काम करने वाले रेलकर्मी को ट्रेन मैनेजर का नाम दे दिया गया है, देश के सभी रेलवे के गार्ड ट्रेन मैनेजर कहलाने लगे हैं…
नईदिल्ली (ए)। ट्रेनों के परिचालन में गार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. अब गार्ड के पद पर काम करने वाले रेलकर्मी को ट्रेन मैनेजर का नाम दे दिया गया है. देश के सभी रेलवे के गार्ड ट्रेन मैनेजर कहलाने लगे हैं. भागलपुर रेलवे में 45 गार्ड हैं जो मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर और गुडस गाड़ियां ले जाते हैं. भागलपुर रेलवे स्टेशन के 45 गार्ड की पहचान ट्रेन मैनेजर के रूप में होने लगी है।
इनके बक्से में भी इनके नाम के साथ पद के रूप में ट्रेन मैनेजर लिखा जाने लगा है. भागलपुर से रवाना होनेवाली विक्रमशिला एक्सप्रेस, एलटीटी एक्सप्रेस, गरीब रथ, वनांचल एक्सप्रेस, रांची एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस सहित लोकल पैसेंजर के अलावे गुडस ट्रेन में अपनी जिम्मेवारी निभा रहे हैं. पहले स्टेशन मास्टर कहा जाता था, अब स्टेशन मास्टर स्टेशन प्रबंधक कहे जायेंगे।
आपको बता दें कि कर्मचारियों की तरफ से साल 2004 से ही गार्ड का पदनाम बदलने की मांग की जा रही थी. कर्मचारियों का कहना था कि गार्ड का काम सिर्फ सिग्नल के लिए झंडी और टार्च दिखाना नहीं है इसलिए इसका पदनाम बदल देना चाहिए. हालांकि रेलवे ने बस गार्ड का पदनाम बदला है, उनकी जिम्मेदारियां पहले जैसी ही रहेंगी।
दरअसल, ट्रेनों में यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही पार्सल सामग्री का निष्पादन, यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन की देख-रेख भी गार्ड के जिम्मे आता है. ऐसे में, पदनाम बदलने की मांग को रेलवे ने भी वाजिब माना है. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पदनाम बदलने से इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी में कोई बदलाव नहीं होगा।
पुराना पदनाम- नया पदनाम की लिस्ट
- असिस्टेंट गार्ड-असिस्टेंट पैसेंजर ट्रेन मैनेजर
- गुड्स गार्ड-गुड्स ट्रेन मैनेजर
- सीनियर गुड्स गार्ड-सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर
- सीनियर पैसेंजर गार्ड-सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर
- मेल / एक्सप्रेस गार्ड-मेल/एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर















