आरबीआई ने बताया है कि 31 जनवरी, 2024 तक 2000 रुपये के 97.5 फीसदी नोट ही वापस आए हैं. फिलहाल 8897 करोड़ रुपये के 2000 रुपये के नोट मार्केट में ही हैं…
नईदिल्ली (ए)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2000 रुपये के नोट को सिस्टम से बाहर कर दिया था. इसे नवंबर, 2016 में नोटबंदी के बाद लॉन्च किया गया था. इसके बाद आरबीआई ने 19 मई, 2023 को इसे वापस लेने का फैसला किया और लोगों से इसे जमा करने की अपील की गई।
केंद्रीय बैंक के मुताबिक, अभी भी पूरे नोट सिस्टम से हटाए नहीं जा सके हैं. 31 जनवरी, 2024 तक 2000 रुपये के 97.5 फीसदी नोट ही वापस आ पाए हैं. अभी तक 8897 करोड़ रुपये के यह बड़े नोट मार्केट में ही हैं. डेडलाइन गुजर जाने के बाद भी लोग इतनी बड़ी रकम पर कुंडली मार के बैठे हुए हैं।
आरबीआई के अनुसार, 2000 रुपये के नोटों के सर्कुलेशन में बड़ी कमी आई है. इसकी वजह से करेंसी सर्कुलेशन में 9 फरवरी तक 3.7 फीसदी की कमी आ गई है. यह एक साल पहले के 8.2 फीसदी से काफी कम है. करेंसी इन सर्कुलेशन के जरिए हमें नोट और सिक्कों के चलन में होने की जानकारी मिलती है. इसमें जनता के पास मौजूद नगदी को बैंकों में पड़े पैसे भी शामिल होते हैं।
आरबीआई ने कहा कि 2000 रुपये के नोट को हटाने से करेंसी की जरूरत को घटाने में बहुत मदद मिली है. बैंकों के डिपॉजिट में जनवरी में अच्छा उछाल आया है. इसे 2000 के नोट को खत्म करने से जोड़कर देखा जा सकता है. रिजर्व मनी भी एक साल पहले के 11.2 फीसदी से घटकर 9 फरवरी तक 5.8 फीसदी रह गई है।
केंद्रीय बैंक ने 19 मई, 2023 को 2000 रुपये के नोट बंद कर दिए थे. 19 मई तक लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये के 2000 के नोट सर्कुलशन में थे. इस नोट को 30 सितंबर, 2023 तक बदलने या जमा करने का ऑप्शन दिया गया था. बाद में इस डेडलाइन को बढ़ाकर 7 अक्टूबर, 2023 कर दिया गया था. नोटबंदी में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करके विकल्प के तौर पर इसे लाया गया था।















