आज 21 अगस्त को सावन माह के 7वें सोमवार का व्रत रखा जाएगा. इसी दिन नाग पंचमी भी है. ऐसे में इस दिन किए पूजा से शिवजी के साथ ही नाग देवता का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा…
वाराणसी (ए)। इस साल सावन का महीना बहुत खास है. सावन में इस साल अधिक मास लगा, जिसके कारण सावन में ही कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार भी पड़े. अधिक मास पड़ने के कारण नाग पंचमी का पर्व अगस्त माह में मनाया जाएगा. खास बात तो यह है कि, सावन सोमवार के दिन ही नाग पंचमी का पर्व भी पड़ रहा है।
पंचांग के अनुसार, नाग पंचमी हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है. नाग पंचमी पर नागों की पूजा का महत्व है. इस दिन विशेषकर वासुकी नाग की पूजा की जाती है. भोलेनाथ अपने गले में वासुकी नाग को हार की तरह लपेटे हुए रहते हैं. इसलिए शिवजी के प्रिय सावन सोमवार के दिन नाग पंचमी पड़ने से इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
सावन के सातवें सोमवार पर नाग पंचमी सोमवार 21 अगस्त को सावन माह का सातवां सोमवार व्रत रखा जाएगा और इसी दिन नाग पंचमी भी रहेगी. नाग पंचमी पर शिव के गण नाग देवता की पूजा का विधान है. ऐसे में इस साल भक्त एक ही दिन शिवजी और नाग देवता की पूजा-व्रत कर दोगुना आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे. इसलिए इस दुर्लभ संयोग को बहुत ही खास माना जा रहा है।
24 साल बाद सावन सोमवार पर नाग पंचमी 21 अगस्त 2023 को सावन के 7वें सोमवार पर नाग पंचमी भी रहेगी. साथ ही इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं. 21 अगस्त को शुभ नामक योग बनेगा और चित्रा नक्षत्र भी रहेगी. इस साल नाग पंचमी का पर्व अधिकमास के बाद और सावन सोमवार के दिन पड़ रहा है. माना जा रहा है कि ऐसा संयोग पूरे 24 साल बाद बना है।
नाग पंचमी की कथा पूजन विधि नागपंचमी पर्व भगवान शिव के प्रिय नाग देवता की पूजा के लिए समर्पित है। पूजन के लिए घर के दरवाजे के दोनों तरफ नाग की आठ आकृतियां बनाकर हल्दी, रोली, चावल, घी, कच्चा दूध, फूल एवं जल चढ़ाकर नाग देवता की पूजा करें। इस दिन एक दिन पूर्व बनाए गए भोजन का भोग लगाने का विधान है। इसके अलावा शिवालयों में भगवान शिव के गले की शोभा बढ़ाने वाले तांबे के नाग की भी पूजा की जाती है। पूजन के बाद नाग देवता की आरती करें और वहीं बैठ कर नागपंचमी की कथा पढ़ें। मान्यता है कि नागपंचमी पर सांपों को दूध चढ़ाने से अक्षय-पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही नागदेवता की पूजा से घर में धन आगमन का स्रोत बढ़ता है। नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। इस दिन रुद्राभिषेक कराने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
सावन सोमवार और नाग पंचमी पर शुभ योग और पूजा मुहूर्त
- शुभ योग: 20 अगस्त 2023 रात 09:59 से 21 अगस्त 2023 रात 10:21 तक।
- शुक्ल योग: 21 अगस्त 2023 रात 10:21 से 22 अगस्त 2023 रात 10:18 तक।
- पूजा मुहूर्त: 21 अगस्त 2023 सुबह 06:21 से सुबह 08:53 तक।
- उत्तम मुहूर्त: 21 अगस्त 2023 सुबह 09:31 से सुबह 11:06 तक।
- प्रदोष काल मुहूर्त: 21 अगस्त 2023 शाम 05:27 से रात 08:27 तक।















