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आईपीएस अफसर राजेश अग्रवाल राष्ट्रपति पदक से हुए सम्मानित

रायपुर। आज 74वें गणतंत्र दिवस पर आईपीएस अधिकारी राजेश अग्रवाल को राज्यपाल अनुसुईया उईके ने राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया। इस दौरान मुख्य सचिव अमिताभ जैन डीजीपी अशोक जुनेजा सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। ज्ञात हो कि आईपीएस राजेश अग्रवाल 26 अक्टूबर 1998 को पूरे मध्यप्रदेश के करीब 2 लाख 16 हजार परीक्षार्थियों में एमपी पीएससी की परीक्षा में 20वां स्थान प्राप्त कर डीएसपी के लिए चयनित हुए थे।

आईपीएस राजेश अग्रवाल एएसपी कवर्धा, एएसपी दुर्ग शहर और ग्रामीण की जिम्मेदारी भी संभाल चुके है। अक्टूबर 2018 में इन्हे आईपीएस अवॉर्ड मिला। ये रायगढ़ और जशपुर जिले के पुलिस अधीक्षक की भी जिम्मेदारी निभा चुके है। वर्तमान में ये जांजगीर चांपा बटालियन में कमांडेंट के पद पर पदस्थ है। अपने धमतरी पोस्टिंग के दौरान बस लूट वाली घटना के अपराधियों को अन्य प्रदेशों में जाकर पकड़ना, धमतरी में 28 नक्सलियों को गिरफ्तार करना तथा आपरेशन मुस्कान के तहत 84 बच्चों को अपने टीम के साथ घर वापसी करना इनकी बड़ी उपलब्धि रही है।

आईपीएस राजेश अग्रवाल हसमुख और मिलनसार अधिकारी है। इनका मानना है की मानवता एवं मानव ही मुख्य बिंदु है। मानव के प्रति समर्पण होकर अच्छा कार्य करें जीवन में कभी भी ऐसा कार्य न हो जो कि मन को दुखी- तकलीफ पहुचाएं जिसे आत्मा स्वीकार न करे। मानव को केन्द्र बिंदु मानकर मानव सेवा करें मानव सेवा ही देश सेवा है। किसी भी पीड़ित की मदद करना एवं आरोपियों को पकड़कर न्यायालय द्वारा कड़ी से कड़ी सजा दिलाना ही सफलता है, ऐसे करना से पीड़ित को मन में जो संतोष का भाव उत्पन्न होता है जो खुशी होती है वही सफलता है।

आईपीएस राजेश अग्रवाल अपने माता-पिता को अपना आदर्श मानते हैं, उन्हीं के बताए हुए मार्ग पर चलते हुए बड़े हुए है और इस मुकाम पर पहुंचे है साथ ही स्वामी विवेकानंद जी की बातें इन्हे काफी प्रभावित करती हैं। इन्होंने बताया कि हमेशा दो बातों का ध्यान रखें, असफलता से निराश न हों हौसला बनाएं रखें भगवान पर आस्था रखें व ईमानदारी से लक्ष्य के प्रति कार्य करें सफलता जरुर मिलेगी।

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